Jawahar Navodaya Vidyalaya Nagda नागदा (उज्जैन) (नईदुनिया न्यूज)। जवाहर नवोदय विद्यालय की छात्राओं ने रविवार शाम हड़ताल कर दी और खुद को कमरे में बंद कर लिया। 23 घंटे बाद सोमवार शाम इन्हें दरवाजा तोड़कर निकाला गया। भूखे रहने से एक छात्रा की तबीयत भी बिगड़ गई। विरोध को देखते हुए भोपाल से विभाग के सहायक आयुक्त एमके पटेल भी गांव बुरानाबाद पहुंचे।

शहर से लगभग 10 किमी दूर गांव बुरानाबाद के नवोदय विद्यालय में दो माह पूर्व नई प्राचार्य मंजू चौधरी की नियुक्ति हुई थी। पूर्व प्राचार्य डॉ. केबी गुप्ता को उपप्राचार्य बना दिया गया। प्राचार्य पर सख्ती करने का आरोप लगाते हुए कक्षा 6 से 12वीं तक की 192 छात्राओं ने रविवार शाम 4 बजे हड़ताल कर दी। विद्यालय में छात्राओं को अलग-अलग कमरे में रखा जाता है, लेकिन आंदोलन के चलते सभी छात्राएं एक ही कमरे में आ गईं।

अधिकारियों की भी नहीं सुनी

छात्राओं की हड़ताल समाप्त करने के लिए खाचरौद से एसडीएम वीरेंद्र डांगी, एसडीओपी वीरेंद्र कुशवाह व तहसीलदार भी रविवार रात विद्यालय पहुंचे, लेकिन छात्राओं ने इन अधिकारियों की नहीं सुनी। सोमवार शाम करीब चार बजे दरवाजा तोड़कर इनको बाहर निकाला। अधिकारियों ने प्राचार्य के स्थानांतरण को छोड़ सभी मांगें पूरी करने का आश्वासन दिया है।

परीक्षा देने भी नहीं पहुंची छात्राएं

सोमवार को प्री बोर्ड की परीक्षाएं थीं। हड़ताल पर होने के कारण कई छात्राएं इन परीक्षाओं में अनुपस्थित रहीं। वहीं, विद्यालय के सभी छात्र परीक्षा में शामिल हुए।

छात्राओं के आरोप

- प्राचार्य द्वारा उनसे सख्ती की जा रही है। छात्राओं की आजादी पर प्रतिबंध लगा रही हैं।

- आवश्यक कार्य होने पर भी अवकाश नहीं दिया जा रहा है।

- फ्री समय में टीवी नहीं देखने दी जाती है।

- परिजन से मिलने भी नहीं दिया जाता है।

- फोन पर भी बात नहीं करने देते।

इनका कहना है

किसी प्रकार की सख्ती नहीं की जा रही है। छात्राओं को किसी के द्वारा उकसाया जा रहा है। मेरे साथ राजनीति की जा रही है।

- मंजू चौधरी, प्राचार्य जवाहर नवोदय विद्यालय

Posted By: Hemant Upadhyay

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