- मंदिर विस्तार की योजनाः स्वीकृत 300 करोड़ रुपए की परियोजना में 97 करोड़ रुपए का काम हो चुके हैं शुरू

- फोटो-महाकाल मंदिर

उज्जैन। महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार का काम जल्द करने के लिए प्रदेश के तीन कैबिनेट मंत्रियों पीसी शर्मा (धार्मिक न्यास एवं धर्मस्व), जयवर्द्घन सिंह (नगरीय प्रशासन) और सज्जनसिंह वर्मा (लोनिवि, प्रभारी मंत्री) को जिम्मेदारी सौंपी गई है। इन मंत्रियों की अनुशंसा पर ही प्रोजेक्ट स्वीकृत होने के साथ-साथ गति पकड़ेंगे। मुख्यमंत्री कमलनाथ समय-समय पर कार्यों की समीक्षा करेंगे। दरअसल प्रदेश सरकार महाकाल मंदिर की व्यवस्थाओं में सुधार और दर्शनार्थियों की सुविधा बढ़ाने के लिए तेजी से विकास कार्य करना चाहती है। व्यवस्थाओं को केंद्रीकृत करना भी सरकार की प्राथमिकताओं में है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही परियोजना से जुड़े काम पूरे कर लिए जाएंगे।

मालूम हो कि शनिवार को मुख्यमंत्री कमलनाथ ने महाकाल मंदिर के विकास एवं विस्तार के लिए स्मार्ट सिटी कंपनी की ओर से प्रस्तुत 300 करोड़ रुपए की परियोजना को स्वीकृति प्रदान की थी। हालांकि कंपनी के अधिकारियों ने इस परियोजना में वह प्रोजेक्ट भी जोड़ा है जिसकी नींव छह महीने पहले नगरीय प्रशासन मंत्री जयवर्द्घनसिंह ने भूमिपूजन कर रख दी थी। मृदा नाम का यह प्रोजेक्ट 96.97 करोड़ रुपए का है, जिसका रूद्रसागर क्षेत्र में काम आगे बढ़ चुका है। इस प्रोजेक्ट के तहत मंदिर का नया प्रवेश द्वार बनाया जाएगा। पास ही 15 फीट ऊंची भगवान शिव की मूर्ति भी स्थापित की जाएगी। महाकाल द्वार से महाकाल मंदिर तक 700 मीटर लंबा कॉरिडोर बनेगा। यह कॉरिडोर नो व्हीकल जोन होगा। इसमें श्रद्घालुओं को पैदल या ई-रिक्शा से आने-जाने की सुविधा होगी। इसके अलावा भी कई काम होंगे।

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फायदा : श्रद्घालु घंटेभर भी लाइन में लगे रहेंगे तो करेंगे अच्छा महसूस

प्रोजेक्ट श्रद्घालुओं की सुविधा को ध्यान में रखकर बनाया गया है। स्मार्ट सिटी कंपनी के सीईओ अवधेश शर्मा ने कहा है कि प्रोजेक्ट पूरा होने के बाद श्रद्घालु भगवान महाकाल के दर्शन के लिए घंटेभर लाइन में भी लगे रहे तो भी वे अच्छा महसूस करेंगे। श्रद्घालु महाकाल मंदिर क्षेत्र में आकर उज्जैन के ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्व को देख और समझ सकेंगे। महाकाल मंदिर के मूल ढांचे से बिलकुल भी छेड़छाड़ नहीं की जाएगी।

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फर्स्ट फेज में बाउंड्रीवाल का काम पकड़ चुका है गति

मृदा प्रोजेक्ट के फर्स्ट फेज अंतर्गत स्मार्ट सिटी कंपनी रूद्रसागर क्षेत्र में बाउंड्रीवाल का निर्माण कर चुकी है। अगले चरण में मुख्य प्रवेश द्वार और कॉरिडोर बनाने का काम शुरू किया जाना है, जो बारिश की वजह से फिलहाल बंद है। वर्षाकाल समाप्त होते ही ये प्रोजेक्ट गति पकड़ेगा।

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-पेरलल न्यूज (इसे कलर बॉक्स में थोड़ा हाइलाइट करें)

-फ्रांस की सरकार देगी 80 करोड़ रुपए, सर्वे के लिए पांच सदस्यीय दल आया

-फोटो नईदुनिया मेल से लीजिए - रामानुजकोट क्षेत्र में भ्रमण करते फ्रांस सरकार के अधिकारी।

महाकाल मंदिर के विकास और विस्तार के लिए बनाए 160 करोड़ रुपए के मृदा प्रोजेक्ट फेज-2 में 50 प्रतिशत राशि यानी 80 करोड़ रुपए फ्रांस की सरकारी देगी। यहां विकास कार्यों की संभावनाएं देख फ्रांस सरकार ने स्वीकृति प्रदान की है। परियोजना को देखने और समझने के लिए वहां से पांच अफसरों का दल उज्जैन आया है। ये दल खासतौर से महाकाल मंदिर, हरसिद्घि मंदिर और रामघाट क्षेत्र का भ्रमण कर, लोगों से बात कर यहां की धार्मिक, सांस्कृतिक जरूरतों का अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार कर रहा है। स्मार्ट सिटी कंपनी के मुताबिक एक प्रतियोगिता के माध्यम से प्रेजेंटेशन के आधार पर फ्रांस की सरकार से ये फंडिंग कंपनी ने प्राप्त की है।

Posted By: Nai Dunia News Network