महाकाल मंदिर : वैदिक शोध संस्थान में मुख्य विषय के शिक्षक ही नहीं, खामियाजा भुगता छात्रों ने

उज्जैन। महाकाल मंदिर प्रबंध समिति द्वारा चिंतामन में संचालित वैदिक प्रशिक्षण व शोध संस्थान में अध्ययनरत अधिकांश छात्र छह माही परीक्षा में वेद व गणित विषय में फेल हो गए हैं। वैदिक शोध संस्थान में मुख्य विषयों के शिक्षक नहीं हैं। इसका खामियाजा विद्यार्थियों को भुगतना पड़ा। शिक्षण सत्र समापन की ओर है। मंदिर प्रशासन अब भी वेद और गणित के शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाया है।

वैदिक शोध संस्थान में नए शिक्षण सत्र 2018-19 की शुरुआत से वेद व गणित के शिक्षक नहीं हैं। इसके चलते पूरे साल बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती रही। छह माही परीक्षा का रिजल्ट आने पर अधिकांश छात्र फेल हो गए। संस्थान प्रभारी डॉ. पीयूष त्रिपाठी ने कई बार आला अधिकारियों को ध्यान इस ओर आकर्षित कराया, लेकिन किसी ने नहीं सुनी। परिणाम छात्रों के फेल होने के रूप में सामने आया। मंदिर समिति ने वेद, संस्कृत व व्याकरण के प्रसार-प्रसार व उत्थान के लिए वैदिक शोध संस्थान की स्थापना की थी। लेकिन वेद और गणित के शिक्षक नहीं होने से समिति का उद्देश्य ही पूरा नहीं हो पा रहा है। उलटे क्षात्रों के भविष्य पर भी प्रतिकूल असर पड़ रहा है।

एक शिक्षिका थी उसे भी मंदिर बुला लिया

मंदिर समिति वैदिक शोध संस्थान व विद्यार्थियों के भविष्य के प्रति कितनी सजग है, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि अफसर वर्षभर हाथ पर हाथ धरे बैठे रहे लेकिन शिक्षण कार्य के लिए शिक्षकों की नियुक्ति नहीं कर पाए। उलटे शोध संस्थान में बच्चों को पढ़ा रही शिक्षिका रजनी खेर को भी बीच सत्र में महाकाल मंदिर बुला लिया। वर्तमान में शिक्षिका भेंट पेटी गणना प्रभारी के रूप में काम कर रही है। परीक्षा परिणाम पर अफसरों की इस अदूरदर्शिता का भी असर पड़ा है।

इसलिए नहीं हो रही नियुक्ति

वेदिक शोध संस्थान में शिक्षक की नियुक्ति के लिए जो योग्यता चाहिए उसमें शिक्षक को वेद व गणित में आचार्य की उपाधी के साथी बीएड आवश्यक है। इस योग्यता के अभ्यार्थियों को कम से कम 20 हजार रुपए वेतन चाहिए। सूत्र बताते हैं कि प्रबंध समिति मंदिर में आउटसोर्स का जिम्मा संभाल रही भारत विकास ग्रुप कंपनी के माध्यम से शिक्षकों की नियुक्ति करना चाहती है। इसके लिए अधिकतम 12 हजार रुपए वेतन निर्धारित किया गया है। इतनी कम तनख्वा में बाहरी कर्मचारी के रूप में कोई भी शिक्षक नौकरी करने को राजी नहीं है।

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आपकी जानकारी सही है। इस बार छह माही परीक्षा में वेद व गणित का रिजल्ट कमजोर रहा है। अधिकारियों को लिखकर दिया है, जल्द ही योग्य शिक्षकों की नियुक्ति होगी।

-डॉ.पीयूष त्रिपाठी, प्रभारी महाकालेश्वर वैदिक शोध संस्थान

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