उज्‍जैन। राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द ने कालिदास संस्कृत अकादमी में आयोजित अखिल भारतीय आयुर्वेद महासम्मेलन के 59वें महाधिवेशन में शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय उज्जैन के नवीन भवन का वर्चुअल लोकार्पण किया। इस दौरान उन्‍होंने सारगर्भित संबोधन दिया। पढ़‍िये राष्ट्रपति रामनाथ कोविन्‍द के संबोधन की प्रमुख बातें-

  • जन सामान्य में आयुर्वेद के प्रति जागरूकता बढ़ाई जाए।
  • योग्य चिकित्सक तैयार किए जाएं जो लोगों को किफायती इलाज उपलब्ध करा सकें।
  • रोगों के उपचार एवं महामारी विज्ञान के नए-नए क्षेत्रों में रिसर्च,डॉक्यूमेंटेशन और वेलिडेशन के माध्यम से लोकप्रियता बढ़ाई जाए।
  • हाल ही में गुजरात के जामनगर में WHO ग्लोबल सेंटर फॉर ट्रेडिशनल मेडिसिन की स्थापना से यह पुष्टि होती है कि विश्व अब हमारी पारंपरिक चिकित्सा पद्धति को स्वीकार करने के लिए तैयार है। इससे आप सभी का दायित्व और भी अधिक हो गया है।
  • विश्व भर में अनेक चिकित्सा पद्धतियां प्रचलित हैं, परंतु आयुर्वेद इन सभी में अलग है। आयुर्वेद का अर्थ है Science of Life.
  • आयुर्वेद में स्वास्थ्य रक्षा के साथ-साथ रोग के निवारण पर भी बल दिया गया है।
  • मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री श‍िवराज सिंह चौहान ने योग एवं भारतीय चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने में हमेशा रुचि दिखाई है।
  • सम्मेलन के आयोजन में और शासकीय धन्वन्तरि आयुर्वेद महाविद्यालय के आधुनिक भवन के निर्माण में श‍िवराज सिंह चौहान का पूरा योगदान रहा है।
  • उज्जैन से मेरी बहुत सारी पुरानी स्मृतियां जुड़ी हुई हैं। यहां की गलियों से मैं पूरी तरह वाकिफ हूं।
  • सचमुच में भारत गांव का देश है। गांव में जो पारंपरिक चिकित्सा की व्यवस्था है वह आज भी आयुर्वेद की है। इसका स्थान कोई नहीं ले सका है।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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