उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बिनोद मिल की चाल में वर्षों से बसे लोग जब अपना मकान खाली कर गए तो वे गुस्से में दीवारों पर उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव और विधायक पारस जैन के खिलाफ अपशब्द लिख गए। 160 में से 25 परिवार आगर रोड स्थित शिवांश एवेन्यू कालोनी और 9 परिवार महाकाल एवेन्यू में खाली पड़ी आवासीय मल्टी में शिफ्ट हुए। मकान खाली कराने पहुंचे अफसरों ने कहा कि प्रभावित परिवारों को विस्थापित करने के लिए आवास योजना का लाभ दिलाया जाएगा। बैंक से आसान किस्तों में आवास ऋण दिलाया जाएगा। सभी प्रभावित परिवार स्वयं मकान खाली कर जा रहे हैं, इसलिए सख्त कार्रवाई करने की जरूरत ही नहीं पड़ी। मकान तुड़ाई का ठेका लोक परिसंपत्ति प्रबंधन विभाग ने अग्रवाल नामक एक शख्स को दिया है, वे ही मकानों की तुड़ाई कर मलबा आदि उठवाकर ले जाएंगे।

मालूम हो कि ढाई दशक पहले बंद हुई बिनोद मिल की तकरीबन 17 हेक्टेयर जमीन शासन बेचना चाहता है। इसके लिए वह जमीन के नौ हिस्से कर चुका है। चार हिस्से (पार्सल क्रमांक 1, 2, 8, 9) बिक चुके हैं और पांच बिकना बाकी है। अभी पार्सल क्रमांक 6 वाली 22,245 वर्ग मीटर जमीन बेचने को 19 दिसंबर तक निविदा आमंत्रित की गई है।

ईंट, दरवाजे, खिड़की, चद्दर तक निकाल ले जा रहे लोग

लोग अपने जीवन यापन के साजो-सामान के साथ मकान से ईंट, दरवाजे, खिड़की, चद्दर तक निकालकर ले जा रहे हैं। उनका कहना है कि बिनोद मिल मालिक ने मकान में चद्दर, दरवाजे, खिड़की, लगाए थे वो तो कब के सड़-गल गए थे। हमने हमारी कमाई से मकान का मैंटेनेंस कर खड़ा रखा है, वरना कब का गिर गया होता। खिड़की, दरवाजे, चद्दर से सब हमारे हैं। कई जगह लगी ईंट भी हमारी है।

भविष्य की चुनौतियों से डरा, सहमा है हर परिवार

बिनोद मिल की चाल का अपना मकान छोड़कर गया हर परिवार भविष्य की चुनौतियों से डरा, सहमा है। वित्तीय बचत या आय का अच्छा स्रोत न होने से कुछ के पास अभी भी सिर छुपाने को छत नहीं है। ऐसे में उन्होंने फुटपाथ पर डेरा डाल लिया है। बुरे वक्त के साथ सर्द मौसम की उन पर दोहरी मार पड़ रही है।

बनेंगे अमीरों के बंगले और व्यावसायिक काम्प्लेक्स

जानकारों का कहना है कि बिनोद मिल की चाल वाली जमीन बहुत कीमती है। आने वाले समय में इस जमीन का पूरा नक्शा बदल जाना है। निश्चित तौर पर यहां चौड़े मार्ग बनेंगे। इन मार्गों के किनारे बड़े-बड़े बंगले और व्यावसायिक काम्प्लेक्स आकार लेंगे। शासन इस शर्त के साथ जमीन बेचने को तैयार है कि निवेशक चाहे तो यहां कालोनी काटे, चाहे तो माल, मार्केट बनाए। ले-आउट डालने के बाद जितनी भी अनुमति की आवश्यकता होगी, शासन निवेशक को दिलाएगा। जमीन पर विकास कार्य शासन करके देगा। इसी कड़ी में आगर रोड से जुड़ती एक फोरलेन सड़क बनाई जा चुकी है।

आज महाकाल मंदिर के पास से हटाए जा सकते हैं दो मकान

प्रशासन, सोमवार दोपहर महाकाल मंदिर के पास स्थित पुष्पा बाई और कमला बाई के मकान तोड़ सकता है। इसके लिए रविवार को तैयारी की गई। बताया कि पुष्पा बाई और कमला बाई के मकान को तोड़ने पर जिला न्यायालय ने रोक लगा रखी थीं, जो सुनवाई के बाद हट चुकी है। इसके पहले विट्ठल राजाराओ, शत्रुघ्न दातवानी, रितेश माहेश्वरी, विनिता विकास, पंकज जोशी, अंकित जोशी का मकान ढहाया जा चुका है। इस पट्टी में अब केवल ज्योतिषविद् पंडित आनंद शंकर व्यास का मकान है, जिसे तोड़ने पर फिलहाल हाईकोर्ट ने रोक लगा रखी है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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