उज्जैन। महाकाल मंदिर परिसर में स्थित कुछ पुराने भवनों को मंदिर समिति ने अधिग्रहित करने की तैयारी कर ली है। समिति ने इन भवनों में रह रहे लोगों को पूर्व में नोटिस जारी कर कब्जा लेने की बात कही थी। प्रशासन के सख्त रुख को देखते हुए इन भवनों में रहने वाले लोगों ने मंगलवार को सामान समेटना शुरू कर दिया है।

महाकाल मंदिर परिसर की सभी संपत्तियों पर प्रबंध समिति की मिल्कीयत है। परिसर से सटे कुछ भवानों में वर्षों से कुछ परिवार रह रहे थे। वे इन संपत्तियों का उपयोग निजी मानकर कर रहे थे। करीब एक पखवाड़े पहले मंदिर प्रशासन ने नोटिस जारी किया तथा भवानों को खाली करने के निर्देश दिए। मंदिर प्रशासक अभिषेक दुबे ने बताया महाकाल धर्मशाला के पास एक भवन है। इसे देवास धर्मशाला के नाम से जाना जाता है। इसी प्रकार हरसिद्घि मंदिर की ओर जाने वाले मार्ग पर एक ओर भवन है। इसमें रहने वाले परिवारों को बेदखली का नोटिस जारी किया है। इन भवनों को आधिपत्य में लेने के बाद इस पर दर्शनार्थियों की सुविधा के लिए नए प्रकल्प शुरू किए जाएंगे। गौरतलब है कि मंदिर प्रशासन इससे पहले प्रशासनिक भवन के समीप स्थित महामृत्युंजय मठ तथा फैसेलिटी सेंटर के समीप स्थित महाकाल अखाड़े पर कार्रवाई कर चुका है।

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