बड़नगर (उज्जैन)। इंगोरिया थाना क्षेत्र के ग्राम ऊंटवास में एक युवती की उसके पिता और भाई ने गला दबाकर हत्या कर दी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया तो भाई ने थाने के सुविधाघर में एसिड पी लिया। उसे गंभीर हालात में इंदौर के चोइथराम अस्पताल ले जाया गया। मगर डॉक्टर उसे बचा नहीं सके। मामले में थाना प्रभारी सहित सात पुलिसकर्मियों को निलंबित कर दिया गया है। मजिस्ट्रियल जांच के आदेश भी दिए गए हैं। पुलिस की पड़ताल में पता लगा है कि पिता और भाई ने महज एक हजार रुपए नहीं मिलने के कारण युवती के साथ मारपीट की और उसका गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई।

ग्राम ऊंटवास निवासी 17 वर्षीय उमा की हत्या के मामले में इंगोरिया पुलिस ने बुधवार को मृतका के पिता हीरालाल और भाई भरत मीणा को गिरफ्तार किया था। इसी दौरान गुरुवार सुबह शौच जाने के बहाने थाने के सुविधाघर में जाकर आरोपित भरत ने वहां रखा एसिड पी लिया था। इसके बाद उसकी हालत गंभीर होने पर उज्जैन जिला अस्पताल और बाद में इंदौर के एक निजी अस्पताल में इलाज के लिए ले जाया गया। यहां उसने गुरुवार रात 11.45 बजे दम तोड़ दिया। उधर, मामले में आरोपित पिता हीरालाल को गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया था। यहां से उसे जेल भेज दिया गया है।

सात पुलिस अधिकारी-कर्मचारी निलंबित

पुलिस हिरासत में आरोपित द्वारा एसिड पीने के मामले को कार्य में गंभीर लापरवाही मानते हुए पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर ने कुल सात पुलिस अधिकारी-कर्मचारियों को निलंबित किया है। शुक्रवार को इंगोरिया थाना प्रभारी प्रकाश वास्कले पर निलंबन की कार्रवाई करते हुए थाने से हटा दिया है। इसके पहले गुरुवार को छह पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इनमें एक-एक सब इंस्पेक्टर, उप निरीक्षक, प्रधान आरक्षक के अलावा तीन आरक्षक शामिल थे।

एक हजार रुपए के पीछे दो मौतें

पेटी में रखे एक हजार रुपए बेटी के निकाल लेने पर हुए विवाद ने मीणा परिवार के दो लोगों की जान ले ली। पुलिस के मुताबिक उमा की हत्या के आरोपित पिता व भाई ने पूछताछ में बताया कि वह कई दिनों से एक हजार रुपए मांग रही थी। जब पिता ने रुपए नहीं दिए तो उसने बगैर किसी को बताए पेटी में रखे एक हजार रुपए निकाल लिए। रुपए गायब होने के बारे में पूछने पर भी उमा ने कहा उसे नहीं पता रुपए कहां गए। इसके बाद भाई और पिता ने उसके साथ मारपीट की और इसी दौरान उसका गला दबा दिया। इससे उसकी मौत हो गई।

थाने में एसिड पीने की 16 दिन में दूसरी घटना

उज्जैन जिले में पुलिस हिरासत के दौरान थाने में एसिड पीने की 16 दिनों में यह दूसरी घटना है। 27 अगस्त को खाचरौद थाने में भारतीय जनता युवा मोर्चा पदाधिकारी इमरान की हत्या के आरोपित उसके चाचा ने वहां थाने के सुविधाघर में रखा एसिड पी लिया था। उसे तबीयत बिगड़ने पर नागदा और वहां से इंदौर रेफर किया गया था। जहां उपचार के बाद ठीक होेने पर पुलिस ने उसे 10 सितंबर को कोर्ट में पेश किया था। यहां से जेल भेज दिया गया। इस मामले में खाचरौद थाने के तीन पुलिसकर्मियों को निलंबित किया गया था। इसकी विभागीय जांच जारी है। वहीं, 12 सितंबर को इंगोरिया थाने में एसिड पीने वाले युवक की मौत हो गई।

इंगोरिया थाने में आरोपित के एसिड पीने के मामले में मजिस्ट्रियल जांच कराई जाएगी। इस मामले में टीआई सहित थाने के सात कर्मचारियों को निलंबित किया गया है।

- सचिन अतुलकर, पुलिस अधीक्षक, उज्जैन