उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कांग्रेस की प्रदेश प्रवक्ता नूरी खान ने रविवार को अपने सभी पदों से इस्तीफा दे दिया, हालांकि कुछ देर बाद इंटरनेट मीडिया पर पोस्‍ट के जरिए उन्‍होंने अपना इस्‍तीफा वापस लेने की घोषणा भी कर दी।

इससे पहले पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री कमल नाथ को लिखे पत्र में उन्होंने कहा था कि वर्तमान राजनीतिक परिदृश्य में कांग्रेस की विचारधारा अल्पसंख्यक समाज के प्रति भेदभाव पूर्ण रवैये की है। पार्टी में सिर्फ इस वजह से प्रतिभाओं को मौका नहीं दिया जाता, क्योंकि अल्पसंख्यक वर्ग से हैं।

नूरी खान ने आगे कहा था कि यह मेरा कोई राजनीतिक आरोप नहीं है, आप खुद तथ्यात्मक रूप से आकलन करें। प्रदेश के जिलों में जिला कांग्रेस कमेटियों में कितने अध्यक्ष अल्पसंख्यक वर्ग से हैं। प्रदेश के अग्रिम संगठनों में भी कोई प्रदेश अध्यक्ष अल्पसंख्यक वर्ग से नहीं है। मैंने स्वयं यह महसूस किया है कि मुझे इतनी मेहनत और लगन से कार्य करने के बाद भी जिम्मेदार पद पर नहीं बैठाया जाता।

उन्‍होंने कहा था कि यह स्थिति मेरे जैसे हर कार्यकर्ता के साथ है। सांप्रदायिक संगठनों से लड़ने की बात सिर्फ कागजों पर है यदि हम अपनी पार्टी में इसका पालन नहीं करा सकते तो शायद हम अपनी विचारधारा से विमुख हो रहे हैं। ऐसी स्थिति में मेरे लिए कार्य कर पाना असंभव है। मैं आपके प्रति व्यक्तिगत रूप से कृतज्ञता व्यक्त करती हूं और अपने सभी कांग्रेस के पदों से इस्तीफा देती हूं। यह बात उन्होंने राहुल गांधी को भी ट्वीट की । इस्तीफे की कापी सोनिया गांधी, मुकुल वासनिक और केसी वेणुगोपाल को भी भेजी । नूरी ने कहा था कि भविष्य में अपना राजनीतिक आंदोलन और अधिक मजबूत करने के लिए नई राजनीतिक दिशा तय करूंगी।

इसके कुछ देर बार नूरी खान ने इंटरनेट मीडिया पर पोस्‍ट कर लिखा कि आदरणीय प्रदेश अध्यक्ष कमल नाथजी से चर्चा के बाद और आदरणीय कमलनाथजी के नेतृत्व में विश्वास के साथ मैं पार्टी को दिए इस्तीफ़े को वापस ले रही हूंं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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