उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Corona virus effect in Madhya Pradesh देश भर में प्रसिद्ध कालभैरव मंदिर में भी दर्शनार्थियों द्वारा फूल चढ़ाने पर रोक लगा दी गई है। भगवान कालभैरव को मदिरा का भोग यथावत लगाया जा रहा है। गर्भगृह में दर्शनार्थियों का प्रवेश पहले ही बंद कर दिया गया है। बाहर से ही श्रद्धालुओं को दर्शन कराए जा रहे हैं, लेकिन हाथ धुलाने के बाद। हालांकि कोरोना वायरस के खौफ के कारण दर्शनार्थियों की संख्या काफी कम हो गई है।

महाकाल के सेनापति कालभैरव के दर्शन के लिए हजारों दर्शनार्थी रोज आते हैं और मदिरा का भोग भी लगाते हैं। लेकिन कोरोना वायरस के खौफ से दर्शनार्थियों की संख्या में बहुत कम हो गई है। कोरोना वायरस के प्रति सतर्कता बरतने पर मंदिर प्रशासन पूरी तरह ध्यान दे रहा है। गुरुवार से फूल चढ़ाने पर भी रोक लगा दी गई है जिससे कि वायरस का संक्रमण न हो। फूल विक्रेताओं को निर्देश दिया है कि वे अभी हार-फूल न बेचें। मंदिर परिसर में कटे हुए फलों को बेचने पर भी रोक लगाई गई है। आधिकारिक जानकारी के अनुसार अभी मदिरा चढ़ाने की अनुमति दी जा रही है।

खौफ ऐसा कि वस्त्र से बंद करना पड़ा मार्ग...

कोरोना का खौफ इतना व्याप्त हो गया है कि मंगलनाथ मंदिर के पास अंगारेश्वर मंदिर में जाने वाले मार्ग को वस्त्र से ढंक दिया गया है। दरअसल, यह मंदिर चारों तरफ से खुला है। इस कारण गर्भगृह में कोई प्रवेश न कर सके, इसके लिए प्रशासनिक अधिकारियों के निर्देश पर सोला (अंग वस्त्र) बांधकर मार्ग बंद करना पड़ा। यहां भी जल चढ़ाने पर रोक लगा दी गई है।

और, बायोमेट्रिक मशीन से बन रहे लाइसेंस...

एक ओर धार्मिक स्थलों पर सावधानी के तौर पर कड़े प्रबंध कर दिए गए हैं तो दूसरी ओर बायोमेट्रिक मशीन पर लाइसेंस बनाए जा रहे हैं। यहां प्रशासन ने कोई ठोस कदम नहीं उठाए हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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