उज्जैन। नगर निगम के 2 सितंबर को होने वाले सम्मेलन की तैयारी के लिए रविवार को भाजपा कार्यालय लोकशक्ति भवन में हुई पार्षद दल की बैठक में महाकाल टनल को लेकर सांसद प्रो. चिंतामणि मालवीय और विधायक डॉ. मोहन यादव के बीच तकरार हुई तो विभिन्न् मुद्दों को लेकर पार्षदों ने अपने गुबार भी निकाले।

22 सूत्रीय एजेंडे पर सहमति भी बनी।करीब साढ़े तीन घंटे चली बैठक उस समय सांसद और विधायक पर केंद्रित हो गई, जब सांसद प्रो. मालवीय ने प्रस्ताव रखा कि महाकाल टनल पब्लिक प्रॉपर्टी है और अब तक इसे पूरा क्यों नहीं किया जा सका है। उन्होंने स्पॉट पर चलकर निरीक्षण कर कोई हल निकालने की बात रखी। यहीं से विधायक के साथ उनकी तकरार शुरू हो गई जो करीब 15 मिनट चली।

राज्यसभा सदस्य डॉ. सत्यनारायण जटिया, संभागीय संगठन मंत्री राकेश डागोर, महापौर रामेश्वर अखंड, प्रदेश कार्यसमिति सदस्य जगदीश अग्रवाल, निगम सभापति सोनू गेहलोत, पूर्व निगम सभापति प्रकाश चित्तौड़ा, महामंत्री सत्यनारायण चौहान, पार्षद जगदीश पांचाल सहित अन्य पार्टी के पदाधिकारी मौजूद थे।

प्रभारी मंत्री कौन हैं, मिलाओ तो सही

एक पार्षद ने यह कहकर अपना गुबार निकाला कि प्रभारी मंत्री कौन हैं, उनसे मिलवाओ तो सही। वे पार्षदों से तो कभी रूबरू होते ही नहीं हैं। पार्टी कार्यालय पर आकर पार्षदों से बात करना भी उचित नहीं समझते। यह गुबार भी निकला कि शहर में जगह-जगह टॉवर लगाए जा रहे हैं और नालियां खोदकर सड़कें खराब की जा रही हैं। भोपाल का पत्र दिखाकर हमें (पार्षदों से) कह दिया जाता है कि काम होना है।

दुकानों और सफाई को लेकर हंगामा

महाकाल फूडकोर्ट की 20 दुकानें, क्षीरसागर स्टेडियम, पीपलीनाका चौराहा आदि स्थानों की दुकानों का किराया तय होने से पहले ही आरक्षण तय होने को लेकर बैठक में हंगामा भी हुआ। इस पर राजस्व समिति प्रभारी से पूछा तो उन्होंने बताया अधिकारियों ने मुझसे फाइल पर साइन करने को कहा था। शहर की सफाई को लेकर भी नाराजगी उभरी। पार्षदों ने कहा स्वास्थ्य अधिकारी कोई काम नहीं कर रहे पर उनके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं हो रही। पूरा शहर गंदगी से पटा पड़ा है।

अध्यक्ष बीच में उठकर चले गए

बैठक की अध्यक्षता कर रहे नगर भाजपा अध्यक्ष इकबालसिंह गांधी कुछ देर बाद बैठक के बीच से चले गए।

बताया जा रहा है कि स्वास्थ्य कारणों से उन्हें जाना पड़ा। उनकी जगह शेष बैठक की अध्यक्षता रामचंद्र कोरट ने की।

फ‍िलहाल एक दिन छोड़कर पानी

शहर में पानी फिलहाल एक दिन छोड़कर ही दिया जाएगा। बाद में जो स्थिति होगी, उससे निपटा जाएगा।

आगर रोड पर सेंट्रल लाइटिंग का प्रस्ताव वापस लौटाया जाएगा। कंसल्टेंट ने अपना अभिमत अब तक नहीं दिया

है।

बाजार वसूली ठेके पर नहीं दी जाएगी।

सॉलिड वेस्ट मैनेजमेंट को पार्षदों ने नकार दिया है। इसके लिए जमीन देने का भी विरोध। इस योजना के निरस्त होने के आसार।

महाकाल टनल मामले में लोकायुक्त प्रकरण पर सहमति। दोषी अधिकारियों व कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई का प्रस्ताव हो सकता पास।

एक ने कहा तुगलकी आदेश, दूसरे ने कहा शब्‍द वापस लें

सांसद: महाकाल टनल का दौरा करना चाहिए, जिससे जल्द इसका लोकार्पण हो सके।

सुझाव: सुझाव सामने आया कि 5 सदस्यीय समिति इसके लिए बना ली जाए।

विधायक: पांच सदस्य कैसे बना सकते हैं, इसमें कौन-कौन होंगे।

सांसद: आप (विधायक) तो हो ही, अन्य वरिष्ठ सदस्य भी चलेंगे।

विधायक: जिसको दौरा करना हो करे। काम पूरा करने की जरूरत है, समिति बनाने से क्या होगा।

सांसद: मेरे पास आठ विधानसभा क्षेत्र हैं, मैं अकेला भी जा सकता हूं पर संगठन में सबका साथ होना चाहिए।

विधायक: टांग न अड़ाएं। सिंहस्थ मेला कार्यालय को लेकर भी आपने अनुचित सवाल कर दिए।

सांसद: मैं गलत बात बर्दाश्त नहीं करूंगा, क्योंकि तुगलकी आदेश भी निकल जाते हैं। जनता का पैसा बर्बाद

न होना चाहिए।

विधायक: आप अपने शब्द वापस लें, तुगलकी आदेश का क्या मतलब। दायरे में रहकर बात करें। कुछ समय बाद विधायक जरूरी कार्य से बैठक से चले गए, सांसद उपस्थित रहे।

(पार्टी नेताओं से चर्चा पर आधारित)

इनका कहना है

तकरार जैसी कोई बात नहीं, हां सभी मुद्दों पर बैठक में बात हुई है। टनल को लेकर भी बैठक में बात हुई। पांच सदस्यों की समिति बनाने पर चर्चा हुई। अभी नाम तय नहीं हो सके, क्योंकि अध्यक्ष (इकबालसिंह गांधी) की सहमति से नाम तय होंगे।

- रामचंद्र कोरट, जिन्होंने बैठक की अध्यक्षता की

सभी का मत

टनल बनना चाहिए, यह सभी का मत है। मेरा यह कहना है कि टनल मजबूत बने और इससे किसी की जान के साथ खिलवाड़ न हो। विधायक ने अपनी बात रखी।

- प्रो. चिंतामणि मालवीय, सांसद

गरिमा के अनुरूप बोलें

सांसद को पद की गरिमा के अनुकूल बात करनी चाहिए। हल्के शब्दों का इस्तेमाल नहीं होना चाहिए। तुगलकी आदेश जैसे शब्दों का उपयोग करना उचित नहीं है।

- डॉ.मोहन यादव, विधायक, दक्षिण