उज्जैन। श्री अवंति पार्श्वनाथ तीर्थ प्रतिष्ठा महोत्सव 13 फरवरी से 18 फरवरी तक होगा। इसके लिए तैयारियां अंतिम चरण में हैं। शिप्रा तट पर उत्सव सा नजारा दिख रहा है। बुधवार को गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरिश्वरजी आदि साधु-साध्वीजी के मंगल प्रवेश वरघोड़े के साथ आयोजन का भव्य शुभारंभ होगा। 18 फरवरी तक चलने वाले इस महोत्सव के साक्षी देशभर के हजारों लोग बनेंगे।

गच्छाधिपति आचार्य जिनमणिप्रभसूरिश्वरजी आदि साधु-साध्वीजी का वरघोड़ा अजेशकुमार विजयचंद कोठारी के कंठाल स्थित निवास से बुधवार सुबह 8 बजे बैंडबाजे के साथ वरघोड़ा निकलेगा, जो श्री अवंति पार्श्वनाथ तीर्थ पहुंचेगा। यहां आचार्यश्री द्वारा श्री अवंति पार्श्वनाथ तीर्थ द्वार का उद्घाटन किया जाएगा। महोत्सव आयोजन के लिए अलग-अलग नगर की रचना की गई है। इस अवसर पर आचार्यश्री सिद्घसेन दिवाकर नगर, श्री अवंति नगर, श्री गौतम शालिभद्र नगर, श्री वाराणसी नगर का उद्घाटन भी होगा।

250 रसोइए व 600 वेटर देंगे सेवा

आयोजन की महत्ता का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि 40 हजार स्क्वेयर फीट में भोजन पांडाल बनाया गया है, जिसके 20 हजार स्क्वेयर फीट भूमि पर रसोई घर बना है। सोमवार को इसका भूमि पूजन किया गया। यहां 250 रसोइये तथा 600 वेटर अपनी सेवाएं देंगे।

अफसरों ने कहा- हमारा पूरा सहयोग, मगर सुरक्षा

आयोजन शुरू होने से पूर्व सोमवार को विधायक पारस जैन के साथ कलेक्टर शशांक मिश्र एवं एसपी सचिन अतुलकर ने आयोजन स्थल निरीक्षण किया। अफसरों ने आयोजकों को भरोसा दिलाया कि प्रशासन पूरा सहयोग करेगा। लेकिन सुरक्षा व्यवस्था से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इसके लिए अफसरों ने कई बिंदुओं पर आयोजकों का ध्यान आकर्षित किया। नगर निगम आयुक्त प्रतिभा पाल तथा लोक निर्माण विभाग, नगर निगम आदि विभागों के अधिकारी के साथप्रतिष्ठा महोत्सव संयोजक कुशलराज गोलेछा, हीराचंद छाजेड़, अजेश कोठारी, निर्मल कुमार सकलेचा, पुखराज चोपड़ा, अभय जैन भैया सहित ट्रस्ट पदाधिकारी भी मौजूद थे।

ये दिए निर्देश

-मुख्य डोम (राजदरबार) सहित अन्य स्थलों पर अतिरिक्त निकास द्वार बनाए जाए ताकि किसी भी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत कार्यक्रम स्थल से सुरक्षित बाहर निकला जा सके। एक्जिट प्लान भी बताया जाए।

-जहां से गैस पाइप लाइन डाली गई है, वहां से भोजनशाला स्थल तक इसकी पूरी सुरक्षा होनी चाहिए।

-विद्युत विभाग से बिजली फिटिंग्स का टेस्टिंग प्रमाणपत्र प्राप्त किया जाए।

-मध्यप्रदेश एवं राष्ट्रीय स्तर के आने वाले प्रमुख अतिथियों की सूची एवं उन्हें ठहराने के स्थल की सूची प्रशासन को उपलब्ध कराई जाए। ताकि प्रमुख व्यक्तियों की सुरक्षा व्यवस्था की जा सके।

- महोत्सव से सम्बंधित जुलूस आदि का रूटचार्ट उपलब्ध कराए तथा प्रशासन से इसकी अनुमति ली जाए।

- व्यवस्थाओं की मॉनीटरिंग के लिए जिम्मेदार व्यक्तियों को तैनात किया जाए।

-माइक सिस्टम के साथ ही खोयापाया केंद्र भी स्थापित करें। आयोजन स्थल पर निर्गम-आगम द्वार अलग-अलग रखें। संकेतक लगाए।

-लॉकर रूम बनाया जाए, ताकि बाहर से आने वाले व्यक्ति अपना अमूल्य सामान रख सकें।

-आयोजन के डोम पर लगे झूमर देख एसपी ने कहा कि पांडाल की ऊंचाई अधिक है। छोटा-सा भी झूमर गिरने पर खतरनाक साबित हो सकता है। चेक करवाएं कि इनके गिरने की आशंका तो नहीं है।