उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। इस वर्ष रबी की फसल संकट में है। बीते दिनों हुई ओलावृष्टि की राहत राशि अभी तक किसानों को नहीं मिली है। अब मौसम में गिरते तापमान से पाले का अंदेशा होने लगा है। कृषि वैज्ञानिकों के अनुसार देर रात में तापमान 2 से 3 सेंटीग्रेड पर आ जाता है ,तो पाला पड़ना तय हो जाता है। जिससे गेहूं, चने प्याज लहसुन को भारी नुकसान हो सकता है। इधर कृषि मंत्री कमल पटेल का कहना है कि राहत राशि जल्द किसानों के बैंक खातों में पहुंच जाएगी।

वर्तमान में जिले के खेतों में रबी की फसल लहलहाती दिखाई दे रही है। सबकुछ ठीक रहा तो गेहूं व चने का उत्पादन बंपर हो सकता है। क़्‌वालिटी भी उम्दा रहेगी लेकिन इस बार की कड़कड़ाती ठंड मालवा के मिजाज को बिगाड़ रही है। इधर बीते एक माह पहले जिले के करीब 20 से 25 ग्रामीण क्षेत्रों में ओलावृष्टि से गेहूं, प्याज लहसुन की फसलें चौपट हो गई है। सर्वे भी हो गया। नुकसानी का आकलन कर लिया गया लेकिन मुआवजा अभी तक नहीं मिला। मामले में कृषि मंत्री कमल पटेल ने बताया कि एक सप्ताह में राहत राशि किसानों के बैंक खातों में भेज रहे हैं। प्रदेश के किसानों को गत वर्ष की बीमा राशि भी जल्द दी जा रही है।

कृषि मंत्री ने किए महाकाल दर्शन

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में शुक्रवार शाम कृषि मंत्री कमल पटेल ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। इस दौरान उनके साथ किसान संघ के संगठन मंत्री महेश चौधरी मौजूद थे। दर्शन के उपरांत कृषि मंत्री मंदिर परिसर स्थित महानिर्वाणी अखाड़े पहुंचे तथा गादीपति महंत विनीतगिरीजी महाराज से मुलाकात की।

Posted By: Nai Dunia News Network

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