उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एचआइवी रोग के प्रति पूरे विश्व में एकजुटता प्रदर्शित करने के लिए हर साल एक दिसंबर को विश्व एड्स दिवस मनाया जाता है। उज्जैन जिले में 0.81 फीसद लोग इस बीमारी से पीड़ित मिल हैं। वर्ष 2005 से लेकर अक्टूबर 2020 तक 4.72 लाख लोगों के टेस्ट किए गए हैं। इनमें से 3843 एचआइवी पॉजिटिव पाए गए हैं। इन मरीजों को स्वास्थ्य विभाग के एआरटी सेंटरों पर उपचार दिया जा रहा है। एचआइवी मरीजों की संख्या के मामले में उज्जैन जिला प्रदेश में पांचवें स्थान पर है।

एआरटीए सेंटर चरक भवन के काउंसलर विनोद शर्मा ने बताया कि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण हर साल की तरह लोगों को जागरुक करने के लिए रैली व अन्य कार्यक्रम नहीं किए जा रहे हैं। हालांकि एआरटीए सेंटर पर नोडल अधिकारी द्वारा कार्यशाला का आयोजन किया जा रहा है। सीएमएचओ डॉ. महावीर खंडेलवाल ने बताया कि विश्व एड्स दिवस का उद्देश्य इस रोग के प्रति पूरे विश्व में एकजुटता प्रदर्शित करना है। हमारे बीच में वे लोग जो एचआइवी से ग्रसित हैं, हमें उनको सहायता देना है।

पूरे प्रदेश में बढ़े मरीज

मप्र में वर्ष 2005 से लेकर अक्टूबर 2020 तक एचआइवी मरीजों की संख्या में इजाफा हो रहा है। सर्वाधिक मरीज इंदौर में हैं। वहां 12773 मरीज मिले हैं। दूसरे नंबर पर भोपाल है, वहां पर 7006 मरीजों को उपचार दिया जा रहा है। तीसरे नंबर पर जबलपुर में 6787 मरीज मिले हैं। चौथे नंबर पर ग्वालियर में 3882 मरीज हैं। पांचवे नंबर पर उज्जैन में 3843 तथा छठे नंबर पर रीवा में 3623 मरीजों का उपचार किया जा रहा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

नईदुनिया ई-पेपर पढ़ने के लिए यहाँ क्लिक करे

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस

डाउनलोड करें नईदुनिया ऐप | पाएं मध्यप्रदेश, छत्तीसगढ़ और देश-दुनिया की सभी खबरों के साथ नईदुनिया ई-पेपर,राशिफल और कई फायदेमंद सर्विसेस