राजेंद्र राठौर, उज्जैन। पिंग्लेश्वर स्थित बाबा जयगुरु देव आश्रम में प्रदेश का पहला ऐसा हॉस्पिटल है, जहां कैश काउंटर नहीं है। डॉक्टर केवल व्यसन छोड़ने का वादा फीस के रूप में ले रहे हैं। हॉस्पिटल में जांच और इलाज मुफ्त में किया जा रहा है। श्रमदान से बने इस चिकित्सालय में प्रतिदिन विभिन्न बीमारियों के सैकड़ों मरीजों के साथ जन प्रतिनिधि और उद्योगपति भी इलाज कराने आते हैं।

आश्रम में 30 मई, 31 मई और एक जून को वार्षिक भंडारे के साथ प्रवचन हुए थे। कार्यक्रम में देशभर से 50 हजार से अधिक लोग आए थे। संत उमाकांतजी महाराज की प्रेरणा से स्थापित इस हॉस्पिटल में वर्तमान में होम्योपैथी, आयुर्वेदिक और एक्युप्रेशर पद्धति से असाध्य बीमारियों का इलाज किया जा रहा है।

संस्था संचालक मृत्युंजय शाह ने बताया कि एलोपैथी इलाज के लिए प्रदेश शासन के स्वास्थ्य विभाग से अनुमति लेने की प्रक्रिया जारी है। जल्द ही एलोपैथी इलाज भी होने लगेगा। करीब एक वर्ष से संचालित इस हॉस्पिटल में प्रतिदिन औसत 500 मरीज स्वास्थ्य लाभ ले रहे हैं। पूर्व मंत्री पारस जैन व निगम सभापति सोनू गेहलोत भी इनमें शामिल हैं।

श्रमदान से बनी बिल्डिंग

चार मंजिला हॉस्पिटल की लागत के सवाल पर सेवादारों ने बताया कि हमारे यहां गुरुदेव के प्रवचन होते हैं। इनमें सैकड़ों भक्त शामिल होते हैं। बिल्डिंग बनने के दौरान भी भक्तों ने श्रमदान किया। इससे लागत कम आई। हालांकि डिजाइन के लिए आर्किटेक्ट को अवश्य भुगतान करना पड़ा।

यह है सुविधा

10 वार्ड के इस हॉस्पिटल में फिलहाल 100 बेड लगे हुए हैं। सुबह 9 से दोपहर 12.30 बजे तक ओपीडी संचालित की जाती है। दोपहर 1 से शाम 4 बजे तक इलाज किया जाता है। कई बीमारियों के सात विशेषज्ञ डॉक्टर इलाज करते हैं। वर्तमान में यहां असाध्य बीमारियों से पीड़ित मरीजों का जमावड़ा बना रहता है। इसका इलाज एक्यूप्रेशर पद्धति से किया जा रहा है। डॉ. भारतसिंह गेहलोत ने बताया कि इस पद्धति से शुगर, किडनी, लीवर, फेफड़े और दिल की गंभीर बीमारियों का निदान हो रहा है।

Posted By: Hemant Upadhyay