उज्जैन। मध्य प्रदेश शासन ने उज्जैन के शासकीय धन्वंतरि आयुर्वेद चिकित्सा महाविद्यालय (Dhanwantri Ayurvedic Medical College Ujjain) को अहम जिम्मेदारी दी है। कॉलेज नि:संतान दंपतियों (Childless Couples) के उपचार के लिए दवा (Ayurvedic Medicine) बनाएगा। दावा किया जा रहा है कि इस दवा के सेवन से दंपतियों को फायदा मिलेगा और उनकी सूनी गोद भर सकेगी। दवा कैप्सूल या सायरप के रूप में बनेगी, जिसका महाविद्यालय पेटेंट करेगा। दवा बनाने के लिए शासन ने महाविद्यालय को दो माह का वक्त दिया है। प्राचार्य डॉ. जेपी चौरसिया ने तत्काल काम शुरू कराने के लिए विशेषज्ञों की एक टीम बनाई है।

टीम में डॉ. सिद्धेश्वर सतुवा, डॉ. नृपेंद्र मिश्र, डॉ. वेदप्रकाश व्यास, डॉ. ओपी व्यास, डॉ. दिवाकर पटेल, डॉ. मुकेश गुप्ता, डॉ. अजयकीर्ति जैन, डॉ. हेमंत मालवीय, डॉ. निर्मला कुशवाह और डॉ. कमलेश धनोतिया को शामिल किया है। प्राचार्य ने बताया कि धन्वंतरि कॉलेज के बेहतर कार्यों को देख शासन ने कॉलेज को नि:संतानता चिकित्सा का प्रमुख केंद्र बनाया है। यहां नि:संतान दंपत्तियों (Childless couples) का बेहतर इलाज होगा। महाविद्यालय द्वारा बनाई जाने वाली दवा पूरे प्रदेश में आसानी से उपलब्ध होगी। ये ऐसी दवा होगी, जिसका कोई साइडइफैक्ट नहीं होगा।

10 करोड़ से हाई एक्सिलेंस सेंटर के रूप में अपग्रेड होगा कॉलेज

महाविद्यालय 10 करोड़ रुपए से हाई एक्सिलेंस सेंटर के रूप में अपग्रेड होगा। ये राशि अनुदान के रूप में प्राप्त होगी। इसका इस्तेमाल इन्फ्रास्ट्रक्चर मजबूत करने पर होगा। पंचकर्म और क्षरसूत्र यानी पाइल्स, फिश्चुला, फिशर इलाज की विशेषज्ञता बढ़ेगी। आयुर्वेदिक अस्पताल 100 बेड से 150 बेड का हो जाएगा।

Posted By: Prashant Pandey

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