नईदुनिया हेलो डाक्टरः अनियमित दिनचर्या, खानपान व मानसिक तनाव से हार्ट अटैक का खतरा

उज्जैन।(नईदुनिया प्रतिनिधि)। भागदौड़ भरी जिंदगी में अनियमित दिनचर्या खानपान व मानसिक तनाव हार्ट अटैक का कारण बन रहे हैं । दिल से जुड़ी बीमारियों में केवल उच्च कोलेस्ट्राल व उच्च रक्तचाप वाले या अधिक वजन वाले बुजुर्ग ही नहीं युवा भी इसकी चपेट में आते जा रहे हैं। अधिक वजन के कारण युवाओं का कोलेस्ट्रोल बढ़ना बड़ी समस्या बनकर सामने आया है। हार्ट अटैक के कई लक्षण होते हैं। इन्हें नजर अंदाज करना खतरनाक साबित हो सकता है।

यह जानकारियां काय रोग विशेषज्ञ प्रोफेसर डा. ओपी व्यास ने नईदुनिया हेलो डाक्टर कार्यक्रम के दौरान दी। डा. व्यास के अनुसार अनुसार हार्ट में होने वाले सभी दर्द हार्ट अटैक नहीं होते हैं। एसिडिटी व हार्ट अटैक के दर्द में अंतर होता है। मगर दोनों को नजर अंदाज करना घातक हो सकता है। सीने में बाएं तरफ तेज दर्द होना, सांस में भारीपन, बाएं हाथ तथा अगुंलियों के पोर तक दर्द होना या फिर गर्दन के दोनों तरफ दर्द व जबड़े में दर्द होना हार्ट अटैक का लक्षण है। एसिडिटी के दर्द में सीने के बीचों-बीच में दर्द होता है, इसके अलावा सीने में जलन, मितली आना, कुछ खाने पर उल्टी होना, कंधे के नीचे की ओर तेज दर्द होना एसिडिटी के कारण हो सकता है।

ऐसे बचें सीने के दर्द से

हार्ट अटैक व एसिडिटी से बचने के लिए सुबह जल्दी उठें। आट बजे के पहले नाश्ता कर लें तथा दोपहर एक से दो के बीच भोजन लें। शाम को सात से आठ बजे के बीच खाना खाएं। खाने के तीन घंटे बाद ही सोएं। एसिडिटी होने पर 20 एमएल अरंडी का तेल माह में एक बार दूध या पानी के साथ मिलाकर ले सकते हैं। बरसात के मौसम में हल्का खाना खाएं, फल, सलाद ले सकते हैं।

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अधिक व्यायाम ना करें, हल्का भोजन लें, नाश्ते में फल, सलाद लें। बरसात के मौसम में पानी अधिक ना पिएं। व्यायाम इतना करें की कपाल पर पसीना आ जाए, इसके बाद बंद कर दें। रात को खाना खाने के तीन घंटे बाद सोएं।

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सिर भारी होना एसिडिटी या सोने में ऊंचा तकिया लगाने से हो सकता है। इसका दिल की बीमारी से कोई लेना-देना नहीं है। ब्लड प्रेशर चेक करवाएं, खाना खाने के तीन घंटे बाद ही सोएं।

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भोजन का समय नियमित करें। रोजाना कुछ देर के लिए टहलें, ऐसे काम करें जिससे मन को खुशी मिलें। हल्का भोजन लें, अधिक मिर्च-मसाले व तला हुआ खाना ना खाएं।

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Posted By: Nai Dunia News Network

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