उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कालिदास संस्कृत अकादमी के पंडित सूर्यनारायण व्यास सभागार में शनिवार शाम 7.30 बजे संस्था संवाद एवं संस्कार भारती के पांच दिवसीय

स्वातंत्र्य पुरोधा नाट्य समारोह का शुभारंभ हुआ।

पहले दिन नईदिल्ली के लोकेंद्र त्रिवेदी द्वारा निर्देशित नाटक क्रांतिवीर राणा बख्तावरसिंह का मंचन हुआ। प्रस्तुति आइपीएस एकेडमी इंदौर के कलाकारों ने दी। दर्शकों ने प्रस्तुति को काफी सराहा। बताया कि रविवार शाम बालेंद्र सिंह द्वारा निर्देशित और

मारिस लाजरस द्वारा

लिखित नाटक भीमा नायक का मंचन होगा। प्रस्तुति हम थिएटर ग्रुप भोपाल के कलाकार देंगे।

फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी के प्रतिनिधियों ने महाकाल परियोजनाओं का अवलोकन किया

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। फ्रेंच डेवलपमेंट एजेंसी एएफडी, यूएमसी, एनआईयूए के प्रतिनिधियों ने उज्जैन स्मार्ट सिटी की महाकाल मंदिर परिसर विस्तार एवं विकास परियोजना के प्रचलित कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने महाराजवाड़ा भवन, प्राचीन महाकाल द्धार, रूद्रसागर, रामघाट स्थलों का देखा और प्रगति कार्यों की समीक्षा की। उनके साथ कलेक्टर आशीष सिंह, कंपनी के कार्यकारी निदेशक अंशुल गुप्ता और सीईओ आशीष पाठक साथ थे।

कंपनी के कार्यकारी निदेशक अंशुल गुप्ता ने प्राचीन महाकाल द्धार के बारे में प्रतिनिधियों को बताया कि यह द्धार 14वीं शताब्दी के प्रारंभ का है। सदियों से इस द्वार का उपयोग स्थानीय लोग और तीर्थ यात्री, रामघाट से महाकाल मंदिर और महाकाल मंदिर से रामघाट आने-जाने के लिए किया करते थे। जीर्णशीर्ण होने पर विभिन्ना राजवंशों ने और फिर अभी उज्जैन स्मार्ट सिटी कंपनी ने इस द्धार की मरम्मत कराई है। रुद्र सागर को सुसज्जित झील की तरह संवारा जा रहा है। इसके आसपास विकास कार्य किए जाएंगे। परियोजना पूरी होने पर पर्यटन बढ़ेगा। दुनियाभर से लोग उज्जैन को देखने आएंगे। उज्जैन धर्मनगरी के साथ हैरिटेज सिटी, वेडिंग डेस्टिनेशन सिटी, नालेज सिटी के रूप में भी पहचान बनाएगा। मालूम हो कि महाकाल परियोजना 700 करोड़ रुपये की है, जिसके तहत कलेक्टर आशीष सिंह ने परियोजना के पहले चरण के समस्त नौ काम 31 अगस्त 2022 तक पूर्ण करने के निर्देश ठेकेदार को दिए हैं। दूसरे चरण के काम मार्च-20223 तक पूर्ण कराने का अनुबंध निर्माण एजेंसियों से किया है।

महारुद्र व सहस्रधारा अभिषेक आज

उज्जैन। हाटकेश्वर विहार कालोनी नागदा-उन्हेल बायपास स्थित पारदेश्वर शिव मंदिर पर रविवार को महारुद्र व सहस्रधारा अभिषेक किया जाएगा। इसमें महादेव का बिल्व फल, नारियल पानी, आंवला, अनार, केशर, चंदन, इत्र, खस, गुलाब जल, गंगाजल आदि औषधियों व रसों से प्रातः 8 से दोपहर 2 बजे तक 81 विद्वानों द्वारा पूजन अभिषेक व महामृत्युजय मंत्र द्वारा हवन, विशेष अनुष्ठान किया जएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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