Ujjain News: उज्जैन, नईदुनिया प्रतिनिधि। दो मासूम बच्चों को छोड़कर मां बायफ्रेंड के साथ भाग गई। पिता बच्चों को रखने को तैयार नहीं। दोनों मासूम बच्चे कई दिनों से माता-पिता के लौटने का इंतजार कर रहे हैं। पड़ोसियों ने बच्चों को रोता देखा तो उन्हें दया आ गई। बच्चों की मां और पिता से संपर्क बनाने का प्रयास किया, परंतु किसी ने भी बच्चों की सुध नहीं ली। कई बार बच्चे माता-पिता की याद में रो देते हैं। इन्हें चुप कराने के लिए पड़ोसी ही माता-पिता की भूमिका निभा रहे हैं।

देसाई नगर में रहने वाली महिला रानू का विवाह करीब 7 वर्ष पहले पंवासा निवासी अनिल गुप्ता के साथ हुआ था। दोनों को 5 साल का बेटा और 2 साल की बेटी है। करीब एक साल पहले रानू इंटरनेट मीडिया के माध्यम से अभिषेक मौर्य के संपर्क में आई। बातों-बातों में दोनों के बीच दोस्ती बढ़ती गई। बातचीत ने प्रेम प्रसंग का रूप ले लिया। रानू के पति अनिल को इसका पता चला तो दोनों के बीच विवाद होना शुरू हो गए। आखिरकार रानू और अनिल ने एक-दूसरे से चार महीने पहले तलाक ले लिया। इसके बाद रानू देसाई नगर में ही बायफ्रेंड अभिषेक के साथ बच्चों को लेकर रहने आ गई।

कुछ दिनों पहले रानू की तबीयत खराब हो गई। उसे इलाज हेतु अस्पताल में भर्ती कराया गया। इस दौरान वह बच्चों को यह कहकर चली गई कि पापा उनको लेने आएंगे। बच्चे शाम को देर तक पिता का इंतजार करने लगे। रात तक जब माता-पिता में से कोई भी बच्चों को लेने नहीं आया तो बच्चे घर के बाहर भटकने लगे और रोते रहे। पड़ोसियों ने बच्चों को रोता देख रोने का कारण पूछा तो बच्चों ने मां के जाने की बात बताई। इस पर पड़ोसियों को पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस की ड्यूटी चुनाव में होने के कारण पुलिस द्वारा अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की गई।

पिछले कई दिनों से पड़ोसी बच्चों की जिम्मेदारी संभाल रहे हैं। सूर्यप्रकाश अखंड व आशीष श्रीवास के परिवार वाले बच्चों को संभाल रहे हैं। छोटी बच्ची मां को याद करते हुए दिनभर रो रही है। पिता को सूचना देने पर पिता ने भी यह कहते हुए रखने से इंकार कर दिया कि उसकी पत्नी का उससे तलाक हो चुका है और बच्चे भी उसकी पत्नी ही संभालेगी।

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