उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अवंतिका इंस्टीटयूट फॉर हायर एजुकेशन इस्कान मंदिर उज्जैन द्वारा युवाओं को भक्ति के चार सोपान का ज्ञान कराने के लिए नए कोर्स की शुरुआत की जा रही है। इसके लिए युवा मंदिर कार्यालय अथवा आनलाइन पंजीयन करा सकते हैं। एक फरवरी से आनलाइन कक्षा की शुरुआत होगी। कोर्स पूरा होने के बाद परीक्षा ली जाएगी। पास होने वाले विद्यार्थियों को प्रमाण पत्र प्रदान किए जाएंगे।

पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया भौतिकवादी युग में युवा पाश्चात्य जीवन शैली से प्रभावित होकर अपनी धर्म, संस्कृति से विलग हो रहे हैं। जबकि अनुशासित जीवन के लिए शिक्षा के साथ सदाचार आवश्यक है। धर्म प्रवर्त हुए बिना हम अपने संस्कार व संस्कृति को नहीं समझ पाएंगे। इसलिए इस्कान प्रबंधन का प्रयास शुरू से ही युवाओं को भारतीय धर्मपरंपरा से जोड़ने का रहा है। इसके लिए नित नए प्रयास किए जाते रहे हैं।

एक फरवरी से आनलाइन कक्षा

हाल ही में अवंतिका इंस्टीटयूट फॉर हायर एजुकेशन द्वारा नए कोर्स की शुरुआत की जा रही है। इस पाठ्यक्रम के क्रमागत रूप से चार प्रभाग हैं। पहला भक्ति प्रवेश, दूसरा भक्ति आश्रय, तीसरा भक्ति प्रदीप तथा चौथा भक्ति उद्दीप्त शामिल है। इसके माध्यम से युवाओं को गीता का परिष्कृत रूप में सरल ज्ञान कराया जाएगा। कोई विद्यार्थी इसमें भाग ले सकता है। 1 फरवरी से प्रतिदिन शाम को 20 मिनट की आनलाइन कक्षा होगी। इसमें विद्यार्थियों को अध्ययन कराया जाएगा। क्रमानुसार एक कोर्स में पास होने के बाद विद्यार्थियों को अगले प्रभाग में प्रवेश दिया जाएगा। चारों कोर्स की परीक्षा पास करने के बाद सर्टिफिकेट प्रदान किया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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