उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। अगहन कृष्ण अष्टमी पर रविवार को कालभैरव मंदिर से शाही ठाठ बाट के साथ भगवान कालभैरव की सवारी निकली। कोरोना प्रतिबंध समाप्त होने के बाद निकली सेनापति की सवारी में आस्था का सैलाब उमड़ा। भैरवगढ़ के परंपरागत मार्ग से निकली सवारी में हजारों भक्त मौजूद थे। दोपहर 3 बजे पुलिस अधीक्षक सत्येंद्रकुमार शुक्ला, अपर कलेक्टर अवि प्रसाद, मंदिर प्रबंधक कैलाश तिवारी ने भगवान कालभैरव की पूजा अर्चना कर सिंधिया शाही की पगड़ी धारण कराई। इसके बाद सभा मंडप में पालकी में विराजित भगवान कालभैरव के रजत मुखारविंद का पूजन कर पालकी का नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र बल की टुकड़ी ने सेनापति को सालमी दी इसके बाद शाही ठाठ बाट के साथ सवारी शिप्रा के सिद्धवट घाट की ओर रवाना हुई।

केंद्रीय जेल भैरवगढ़ में जेल अधीक्षक उषा राज ने पालकी का पूजन किया। जेल में निरुद्ध बंदियों ने पुष्प वर्षा कर सेनापति का स्वागत किया। यहां से सवारी जेल तिराहा, भैरवगढ़ नाका, महेंद्र मार्ग, माणक चौक होते हुए मोक्षदायिनी शिप्रा के सिद्धवट घाट पहुंची। यहां पुजारियों ने भगवान कालभैरव, सिद्धवट व शिप्रा जी की पूजा अर्चना की। पूजन पश्चात सवारी पुन: कालभैरव मंदिर के लिए रवाना हुई। सवारी के कालभैरव मंदिर पहुंचने के बाद भगवान की पूजा अर्चना की गई।

शाही पालकी में निकले आताल पाताल भैरव...दर्शन कर भक्त निहाल

भैरव अष्टमी पर रविवार को सिंहपुरी स्थित श्री आताल पाताल महाभैरव मंदिर से आताल पाताल भैरव की सवारी निकली। शाही पालकी में भगवान की प्रतिकृति के दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। अनेक स्थानों पर पुष्प वर्षा कर पालकी का स्वागत किया गया। सवारी मार्ग में भक्तों ने पालकी में विराजित महाभैरव का पूजन किया। परंपरागत पूजन के पश्चात शाम 6 बजे सिंहपुरी से भगवान की पालकी नगर भ्रमण के लिए निकली। बैंड, बाजे, झांझ डमरू दल के साथ सैकड़ों भक्त सवारी में शामिल हुए। प्रमुख मार्गों से होकर रात करीब 8 बजे सवारी पुन: सिंहपुरी पहुंची। इसके बाद महाआरती की गई। पं.विनोद व्यास ने बताया सोमवार शाम 7 बजे सिंहपुरी में कन्या व बटुक भोज का आयोजन होगा।

Posted By: Prashant Pandey

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