उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। उज्जैन नगर निगम की अध्यक्ष शनिवार को वार्ड 15 से भारतीय जनता पार्टी की पार्षद कलावती यादव चुन ली गईं। उन्होंने चुनाव में 54 में से 38 पार्षदों का और एक वोट महापौर का प्राप्त किया। कुल 23 वोट की बढ़त लेकर कांग्रेस प्रत्याशी राजेंद्र कुवाल को हराया। कुवाल, अपनी पार्टी के सभी 17 पार्षदों के वोट भी नहीं प्राप्त कर सके। कांग्रेस का एक वोट कलावती यादव के पक्ष में डला। ये वोट किसका था, देर शाम तक कोतूहल का विषय बना। इस चुनाव के बाद अपील समिति सदस्यों के चुनाव हुए। इसमें पार्षद पंकज चौधरी, गजेंद्र हिरवे, नीलम कालरा और पूनम जायसवाल निर्विरोध सदस्य निर्वाचित हुए। चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद भाजपा नेता एवं कार्यकर्ताओं ने निगम मुख्यालय से विजयी जुलूस निकाला।

जुलूस में महापौर, अध्यक्ष और अपील समिति के निर्वाचित सदस्य एक खुली जीप में सवार होकर निकले। ये जुलूस पार्टी कार्यालय लोकशक्ति भवन पहुंचकर सभा के रूप में परिवर्तित हुआ। यहां विभिन्ना निर्वाचित जनप्रतिनिधियों का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। मालूम हो कि कलावती यादव, प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव की बहन हैं। उन्होंने इस साल पार्षद का लगातार छठा चुनाव जीता है। वे सन् 1993 से पार्षद हैं। वे दो कार्यकाल में महापौर परिषद की सदस्य भी रहीं हैं। तीन मर्तबा अध्यक्ष बनने का मौका आया था, मगर संगठन ने एक बार प्रकाश चित्तौड़ा को और दो बार सोनू गेहलोत को अध्यक्ष बनाया। कलावती यादव, निगम के आठवें निर्वाचित बोर्ड की अध्यक्ष बनी हैं। इसी के साथ निगम में आठवें बोर्ड का गठन हो गया है। बोर्ड का कार्यकाल 5 वर्ष रहेगा।

जानिये अध्यक्ष की शक्तियां

निगम अध्यक्ष का पद बेहद महत्वपूर्ण होता है। सदन की कार्रवाई ठीक से संचालित हो, इसका दारोमदार अध्यक्ष के कंधों पर ही होता है। प्राप्त प्रस्तावों पर चर्चा कराकर उन्हें स्वीकृत- अस्वीकृत करने की शक्ति इनमें निहित होती है। निगम अध्यक्ष को निगम की ओर से रहने के लिए एक बंगला और आवागमन के लिए एक गाड़ी भी

दी जाती है।

चुनाव से पहले कांग्रेस

पार्षदों ने ली शपथ

अध्यक्ष पद के चुनाव से पहले कांग्रेस के सभी नवनिर्वाचित 17 पार्षदों ने ईमानदारी एवं निष्ठा से अपने कर्तव्य का पालन करने की शपथ ली। शपथ कलेक्टर आशीष सिंह ने दिलाई। उनकी उपस्थिति में ही चुनाव प्रक्रिया और परिणामों की घोषणा भी हुई।

हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ

निगम की नई परिषद ने परिषद हाल में राष्ट्र ध्वज तिरंगा लहराकर हर घर तिरंगा अभियान का शुभारंभ किया। कलेक्टर आशीष सिंह, निगम आयुक्त अंशुल गुप्ता, महापौर मुकेश टटवाल मुख्य रूप से मौजूद थे। सभी ने ध्वज खरीदने को निर्धारित राशि भी दी।

नई नगर सरकार को काम करने के लिए मिलेंगे कम रुपये

नई नगर सरकार को विकास कार्य कराने को पिछली नगर सरकार के मुकाबले आधे से भी कम रुपये मिलेंगे। क्योंकि निगम प्रशासक सह संभागायुक्त संदीप यादव महापौर, निगम अध्यक्ष, पार्षद मद सहित कई मदों पर कैंची चला चुके हैं। महापौर का मद अब 7 करोड़ 50 लाख रुपये की बजाय 3 करोड़ रुपये, निगम अध्यक्ष मद 5 करोड़ रुपये की बजाय डेढ़ करोड़ रुपये और पार्षद मद 30 लाख की बजाय 7 लाख 40 हजार रुपये है।

अब होंगे जोन अध्यक्ष के चुनाव, महापौर परिषद का गठन भी

अगले सम्मेलन में जोन अध्यक्ष के चुनाव होना संभावित है। इतना ही नहीं इसी माह महापौर परिषद का गठन होने की भी चर्चा है। याद रहे कि नगर निगम का सबसे सशक्त मंच महापौर परिषद है। परिषद में महापौर अपनी पसंद के 11 पार्षदों को विभिन्ना

विभागों का प्रभारी मनोनीत करते हैं। हालांकि इन मनोनयन में सत्तासीन राजनीतिक दल की अनुशंसाओं का अच्छा खासा प्रभाव रहता है।

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