बरसातः गंभीर बांध का गेट भी खोलना पड़ा, कई कालोनियों में भराया पानी

-24 घंटों में 45 मिमी वर्षा, आज भी बारिश की चेतावनी

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। लगातार बरसात होने से मोक्षदायिनी शिप्रा नदी मंगलवार को फिर उफन गई। उफनती लहरों में रामघाट के मंदिर और छोटे पुल-पुलिया समा गए। गंभीर बांध में भी पानी बढ़ा तो अतिरिक्त पानी शिप्रा में मिलाने के लिए बांध का एक गेट खोल दिया गया। मौसम विभाग ने बुधवार को भी शहर में भारी वर्षा की चेतावनी जारी की है।

हवाओं का रूख बदलने से सोमवार शाम बादलों ने फिर डेरा जमाया और देर रात से शुरू हुई बरसात मंगलवार शाम तक रुक रुककर कर होती रही। इससे सुबह और शाम में काफी नमी छाई। आद्रता 90 फीसद से अधिक हो गई। जीवाजी वेधशाला ने 24 घंटे में 45 मिलीमीटर वर्षा होना बताया है। शहर में कुल 661 मिमी बारिश दर्ज की गई है। इधर, लगातार वर्षा से शहर में नदी, नाले उफान पर आ गए। जल निकासी व्यवस्था ठीक न होने से कई मुख्य सड़कों पर घंटों पानी भरा रहा। शिप्रा में उफनती लहरों को देखने की बड़ी संख्या में लोग रामघाट, नृसिंह घाट, मंगलनाथ घाट पहुंचे।

कई कालोनियों में स्ट्रीट लाइट बंद

कालोनियों में लगी स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायतें लगातार बढ़ रही हैं। कई शिकायतें रजिस्टर या कम्प्यूटर में दर्ज भी नहीं की जा रही है। मामला महापौर मुकेश टटवाल के संज्ञान में आया तो वे मंगलवार दोपहर नगर निगम के कंट्रोल रूम पहुंच गए। घंटेभर वहीं बैठे और नागरिकों द्धारा कंट्रोल रूम के फोन नंबर 0734 2535244 पर मिली शिकायतें स्वयं सुनीं। उनका निराकरण तत्काल करने के निर्देश दिए। शिप्रा विहार ए सेक्टर, इंदिरानगर एलआईजी सेकंड, अभिषेक नगर, शिवधाम कालोनी, प्रेमछाया परिसर, हरसिद्धि विहार, शिव सिटी, नागझिरी, कृष्णा परिसर में स्ट्रीट लाइट बंद होने की शिकायत का तत्काल समाधान करने के निर्देश दिए। कचरा गाड़ी न आने से जुड़ी शिकायत दर्ज न करने पर कर्मचारी को कारण बताओ नोटिस जारी कराया।

गंभीर का गेट भी खुला

शहर में जल आपूर्ति का मुख्य केंद्र, गंभीर बांध का एक गेट मंगलवार को दिनभर 25 सेंटीमीटर खुला रखा गया है। लेवल 1988 मिलियन क्यूबिक फीट क्षमता (एमसीएफटी) का रख अतिरिक्त पानी आगे शिप्रा नदी में मिलने को छोड़ दिया गया। जानकारी के अनुसार बांध भराने के बाद अब तक 2500 एमसीएफटी से ज्यादा पानी छोड़ा जा चुका है। याद रहे कि बांध की क्षमता 2250 एमसीफटी है और शहर की आधी आबादी की दैनिक जरूरत 8 एमसीएफटी है। आधी आबादी का पानी का सहारा निजी बोरिंग या कुआ है

24 घंटों में अंचल में कहां, कितनी वर्षा

घट्टिया 39 मिमी

खाचरौद 45 मिमी

नागदा 51 मिमी

बड़नगर 32 मिमी

महिदपुर 68 मिमी

झारड़ा 75 मिमी

तराना 48 मिमी

माकड़ोन 57 मिमी

(नोट : आंकड़े भूअभिलेख शाखा के अनुसार।

कृषि विभाग ने दी सलाह

सोयाबीन की फसल को पीला मोजक वायरस खराब कर रहा है। ये वायरस भृंग एवं पत्तियों को खराब कर रहा है। इल्लियां भी फसल पर पड़ रही है। बचाव के लिए कृषि विभाग ने किसानों के लिए सलाह जारी की है। कहा है कि जहां-जहां जल भराव की स्थितियां निर्मित हो रही है वहां खेत से जल निकासी की उचित व्यवस्था करें। किसी भी कीट या रोग के प्रारंभिक लक्षण दिखने पर बचाव के लिए उपचार शुरू करें। पीले मोजेक रोग के नियंत्रण के लिए तत्काल रोगग्रस्त पौधों को खेत से उखाडकर निष्कासित करें। इन रोगों को फैलाने वाले वाहक सफेद मक्खी की रोकथाम के लिए पूर्वमिश्रित कीटनाशक थायोमिथोक्सम लैम्बडा सायहेलोथ्रिन (125 मिली प्रति हेक्टेयर) या बीटासायफ्लुथ्रिन और इमिडाक्लोप्रिड (350मिलीलीटर प्रति हेक्टेयर) का छिडकाव करें। इनके छिड़काव से तना मक्खी का भी नियंत्रण किया जा सकता है। सफेद मक्खी के नियंत्रण के लिए किसान अपने खेत में विभिन्ना स्थानों पर पीला स्टिकी ट्रैप लगाएं। पत्ती खाने वाली इल्लियों के नियंत्रण के लिए किसी भी एक रसायन का छिडकाव करें।

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