उज्जैन। Solar Eclipse 2019 करीब डेढ़ साल बाद 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण रहेगा। कंकण आकृति वाला सूर्य ग्रहण उज्जैन में भी दिखाई देगी। ज्योतिषियों के अनुसार सुबह 8 बजकर 8 मिनट पर ग्रहण की शुरुआत होगी। सुबह 9.26 बजे ग्रहण का मध्य काल रहेगा। सुबह 10.58 बजे ग्रहण का मोक्ष होगा। ग्रहण की कुल अवधि 2 घंटे 50 मिनट की रहेगी। करीब 65 फीसद ग्रस्तोदित होने से सूर्य के आसपास कंकण जैसी आकृति नजर आएगी। ज्योतिषाचार्य पं.अमर डब्बावाला ने बताया पंचागीय गणना के अनुसार पौषमास की मौनी अमावस्या पर मूल नक्षत्र, वृद्धि योग, नागकरण की साक्षी में कंकण आकृति का सूर्य ग्रहण होगा। धनु राशि पर होने वाले ग्रहण में चार ग्रहों मौजूद रहेंगे। खास बात यह है कि सूर्य के साथ अन्य ग्रहों में देवगुरु गुरु भी हैं। ग्रहणकाल के दौरान वृहस्पति 10 अंश 27 कला पर विराजमान रहेंगे तथा केंद्र योग बनाएंगे। यह स्थित ग्रहण में गुरु की प्राधना तथा केंद्र योग व वर्गोत्तम की स्थिति बनाती है। गुरु की 5 वीं, 7 वीं तथा 9 वीं दृष्टि से सूर्य ग्रहण का प्रभाव 80 फीसद सकारात्मक होगा।

धनु राशि के लिए विशेष पूजनीय

विभिन्न् राशियों पर ग्रहण का प्रभाव अलग रहेगा। कर्क, तुला, कुंभ व मीन के लिए ग्रहण श्रेष्ठ फलदायी है। मेष, मिथुन, सिंह तथा वृश्चिक के लिए मध्यम रहेगा। वृषभ, कन्या तथा मकर के लिए पूजनीय है। चूंकी ग्रहण धनु राशि में है इसलिए इस राशि के जातकों को विशेष सावधानी की आवश्यकता है। इनके लिए ग्रहण के दौरान देव आराधना विशेष मानी गई है।

पांच ग्रहों का युति संबंध डालेगा विशेष प्रभाव

भारतीय ज्योतिष शास्त्र में इस सूर्य ग्रहण को इसलिए भी विशेष माना जा रहा है कि यह युति व दृष्टि संबंध से आच्छादित है। धनु राशि पर क्रमश: सूर्य, चंद्र, गुरु, शनि व केतु इन पांच ग्रहों का युति संबंध रहेगा। इसका प्रभाव 7 वी दृष्टि से मिथुन राशि में गोचरस्थ राहु पर बनेगा। विशेष क्षेत्रों में इसका प्रभाव नजर आएगा।

65 फीसद ढंका हुआ दिखाई देगा सूर्य

शासकीय जिवाजी वैधशाला के अधिक्षक डॉ.राजेंद्र प्रसाद गुप्त ने बताया 26 दिसंबर को सूर्य ग्रहण के रूप में सुंदर खगोलीय घटना होगी। उज्जैन में ग्रहण का नजारा दिखाई देगा, सावधानी बरतते हुए ग्रहण को देखा जा सकता है। ग्रहण देखने के लिए क्या सावधानी रखें, यह बताने के लिए वेधशाला की ओर से शहर के विभिन्न् विद्यालयों में सेमिनार भी आयोजित होंगे। गुप्त ने बताया की सूर्य ग्रहण को सीधे देखना नुकसानदायक साबित हो सकता है।

Posted By: Prashant Pandey