विसंगतिः मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सड़क सुरक्षा जिला पुरस्कार के लिए दावा तक नहीं

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। एक करोड़ रुपये की धन राशिवाला मध्य प्रदेश का एक पुरस्कार बीते छह वर्षों में कोई भी जिला प्राप्त नहीं कर पाया है। दरअसल पुरस्कार के नियमों की कसौटी पर अब तक कोई खरा ही नहीं उतरा। इसलिए दावा भी नहीं कर पाया।

पुरस्कार का नाम ध मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सड़क सुरक्षा जिला पुरस्कार ध है। इस पुरस्कार को देने की घोषणा छह साल पहले राज्य सड़क सुरक्षा नीति 2015 के गजट नोटिफिकेशन में की गई थी। गजट में लिखा था कि गृह विभाग एक करोड़ रुपयेका पुरस्कार उस जिले को देगा, जिसमें गत वर्ष में कोई दुर्घटना नहीं हुई हो या बहुत ही अल्प संख्या में दुर्घटना हुई हो। इसे प्रदेश का सर्वोत्तम सड़क सुरक्षा जिला कहा जाएगा। यह मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सड़क सुरक्षा जिला पुरस्कार कहलाएगा। पुरस्कार राशि का उपयोग सड़क सुरक्षा बढ़ाने के कार्यों में किया जाएगा।

सड़क दुर्घटनाएं रोकने को अब तक नहीं बन पाया रोड सेफ्टी प्लान

सड़क दुर्घटनाएं रोकने को प्रशासन उज्जैन का रोड सेफ्टी प्लान अब तक नहीं बना पाया है। ऐसा प्लान जिसके अमल में आने से ईंधन एवं समय की बचत होती और जीरो सड़क दुर्घटना मृत्यु का लक्ष्‌य प्राप्त किया जा सकता। राज्य सड़क सुरक्षा नीति- 2015 के अनुसार आधा लक्ष्‌य वर्ष 2020 तक प्राप्त कर लिया जाना था पर ऐसा नहीं हो पाया। जबकि सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन थी और राज्य सड़क सुरक्षा नीति भी थी। बीते पांच वर्षों में यहां हुए 8396 सड़क हादसे इसका प्रमाण है। वो हादसे जिनमें 9066 लोग घायल हुए और 1325 लोगों की जान चली गई। याद रहे कि दो महीने पहले कलेक्टर आशीष सिंह ने क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी, जिला शिक्षा विभाग, स्वास्थ्य विभाग, यातायात पुलिस, लोक निर्माण विभाग, भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण और नगर निगम के अधिकारी से रोड सेफ्टी प्लान मांगा था। कहा था कि जुलाई के प्रथम सप्ताह में अपनी योजना प्रस्तुत करें। निर्देशानुसार सभी विभागीय अधिकारियों ने सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य सड़क सुरक्षा नीति-2015 और सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का अनुरूप कार्य करने को योजना बनाना शुरू किया मगर अब तक उसे अंतिम रूप से स्वीकृत नहीं किया।

इन चार स्तर पर काम करना जरूरी

1. जागरूकता : लोग ट्रैफिक नियम का पालन करे, इसके लिए स्थानीय निकाय, सामाजिक संगठनों के सहयोग से जागरूकता कार्यक्रम करेंगी।

2. सड़क इंजीनियरिंग : सड़क निर्माण एजेंसी भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, नगर निगम सड़क मार्गों और चौराहों को दुरुस्त करेंगीं।

3. दुर्घटना पर तत्काल मदद : दुर्घटना में घायल लोगों को घटना के घंटेभर में अस्पताल पहुंचाने वाले भले लोगों को प्रशासन पांच हजार रुपये का पुरस्कार देगी। ऐसा करने से लोग घायलों की मदद के लिए बिना कोई डर, संकोच के आगे बढ़ेंगे और इससे समय पर इलाज मिलने से मृत्यु का ग्राफ गिरेगा।

4. कानून का पालन : ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यातायात पुलिस चालानी कार्रवाई करेगी। चालान जमा न करने पर वैधानिक कार्रवाई करेगी।

इन संख्याओं को सिर्फ आंकड़े न मानें, ये किसी परिवार के लिए जिंदगी थे

वर्ष हादसे घायल मृत्यु

2017 1832 2102 246

2018 1772 2052 304

2019 1822 1894 264

2020 1404 1484 238

2021 1566 1534 271

कुल 8396 9066 1323

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इनका कहना

मुख्यमंत्री उत्कृष्ट सड़क सुरक्षा जिला पुरस्कार किसी जिले को मिला है, ऐसी जानकारी अब तक संज्ञान में नहीं आई है। ऐसा कोई जिला नहीं जिसमें गत वर्ष में कोई दुर्घटना नहीं हुई हो या बहुत अल्प संख्या में दुर्घटना हुई हो।

- सुरेंद्रपाल सिंह राठौर, डीएसपी यातायात

Posted By: Nai Dunia News Network

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