-इस्कान मंदिर में 14 जून को मनेगा स्नान यात्रा महोत्सव

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। भरतपुरी स्थित इस्कान मंदिर में 14 जून को स्नान यात्रा का आयोजन होगा। कोरोना काल के दो साल बाद भक्त भगवान जगन्नााथ का अभिषेक कर सकेंगे। दोपहर में भगवान जगन्नााथ भक्तों को गजवेष में दर्शन देंगे। इसके अगले दिन से भगवान की बीमार होने की लीला शुरू होगी। इस दौरान एक पखवाड़े तक मंदिर के पट बंद रहेंगे। भगवान 1 जुलाई को स्वस्थ होंगे तथा रथ पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकलेंगे।

पीआरओ राघव पंडित दास ने बताया स्नान यात्रा को लेकर तैयारी शुरू हो गई है। मंदिर परिसर में विशेष पंडाल बनाया जा रहा है। 14 जून को सुबह 8 बजे भगवान को पांडु विजय की धर्मविधि से भगवान जगन्नााथ, बलभद्र तथा सुभद्राजी को विशेष पंडाल में विराजित किया जाएगा। इसके बाद सुबह 10 बजे से भगवान का अभिषेक शुरू होगा। भक्त अपने हाथों से भगवान को शीतल जल से स्नान कराएंगे। दोपहर 1 बजे तक स्नान का सिलसिला चलेगा। पश्चात भगवान का गजवेष रूप में दिव्य श्रृंगार होगा। साल में केवल एक बार स्नान यात्रा के दिन भगवान जगन्नााथ भक्तों को गजवेष रूप में दर्शन देते हैं। आरती के उपरांत भगवान को पुनः मंदिर में विराजित किया जाएगा। महोत्सव में शामिल होने वाले भक्तों को खिचड़ी महाप्रसादी का वितरण होगा।

औषधियों से होगा उपचार

धर्म परंपरा के अनुसार स्नान यात्रा के दौरान शीतल जल से स्नान करने के कारण भगवान जगन्नााथ को सर्दी लग जाती है और वे बीमार पड़ जाते हैं। भगवान के अस्वस्थ होने की लीला करीब एक पखवाड़े अर्थात 30 जून तक चलेगी। इस दौरान भगवान एकांतवास में रहेंगे। पुजारी भगवान का उपचार करेंगे, उन्हें औषधीय युक्त काढ़ा पिलाया जाएगा। उपचार अवधि के दौरान भक्तों को भगवान के दर्शन नहीं होंगे। केवल पुजारी नित्य नैमेत्तिक क्रम से पूजा अर्चना करेंगे।

स्वामी भक्तिचारूजी का संन्यास दिवस मनेगा

14 जून को शाम 7 बजे स्वामी भक्तिचारूजी महाराज का 45 वां संन्यास दिवस मनाया जाएगा। स्वामीजी के चित्र पर माल्यार्पण होगा। इलेक्ट्रानिक्स उपकरणों के माध्यम से भक्तों को उनके प्रवचन सुनाए जाएंगे।

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जगदीश मंदिर में भी उत्सव.... भगवान जगन्नााथ का अभिषेक होगा

-14 जून को सुबह शिप्रा तट से निकलेगी कलश यात्रा

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। खाती समाज द्वारा 14 जून को भगवान जगन्नााथ का महाअभिषेक किया जाएगा। सुबह मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट से कलश यात्रा निकलेगी। शहर के प्रमुख मार्गों से होकर यात्रा कार्तिकचौक स्थित जगदीश मंदिर पहुंचेगी। इसके बाद विद्वान ब्राह्मणों के आचार्यत्व में भगवान का जलाभिषेक किया जाएगा। आषाढ़ शुक्ल द्वितीया 1 जुलाई को भगवान जगन्नााथ रथयात्रा निकाली जाएगी।

समाज के राष्ट्रीय सचिव मिश्रीलाल चौधरी ने बताया राष्ट्रीय अध्यक्ष राधेश्याम बागवाला की अध्यक्षता में रथ यात्रा को लेकर समाज की महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें सर्वानुमति से 14 जून को कलश यात्रा व अभिषेक महोत्सव, 30 जून को रथ पूजन व महाप्रसादी तथा 1 जुलाई को विशाल रथ यात्रा निकालने का निर्णय लिया। धर्मोत्सव में देशभर के करीब 25 हजार समाजजन शामिल होंगे। भक्तों को जगन्नााथ का भात महाप्रसादी का वितरण किया जाएगा। कोषाध्यक्ष बाबूलाल चौधरी ने बताया कोरोना काल के दौरान केवल यात्रा की परंपरा निभाई गई थी। इस बार यादगार उत्सव मनाया जाएगा। आयोजन में इंदौर, उज्जैन, देवास, धार, शाजापुर, रतलाम, सीहोर, इछावर, भोपाल आदि शहरों से बड़ी संख्या में समाजजन उज्जैन आएंगे।

यह होंगे आयोजन

-14 जून : सुबह मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पर शिप्रा, नर्मदा तथा गंगा माता का आह्वान कर कलश पूजन होगा। इसके बाद महिलाएं मंगल कलश लेकर यात्रा के रूप में जगदीश मंदिर की ओर रवाना होंगी। दोपहर में भगवान का सहस्त्र कलश अर्चन अभिषेक पूजन होगा।

-30 जून : धाकड़ समाज धर्मशाला में भगवान के रथ का पूजन तथा महाप्रसादी का आयोजन होगा। कार्यक्रम में हजारों भक्त शामिल होंगे।

-01 जुलाई : दोपहर 3 बजे कार्तिक चौक स्थित जगदीश मंदिर से जगन्नााथ रथ यात्रा का शुभारंभ होगा। स्वर्णिम आभा से दमकते लकड़ी के रथ पर भगवान जगन्नााथ, बलभद्र व सुभद्रा को विराजित कर नगर भ्रमण कराया जाएगा।

Posted By: Nai Dunia News Network

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