Maha Ashtami Puja in Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि) शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर बुधवार को नगर की सुख-समृद्धि के लिए नगर पूजा हुई। सुबह 7:30 बजे कलेक्टर आशीष सिंह व एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ला ने चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया को मदिरा अर्पित कर पूजन की शुरुआत की। इसके बाद अधिकारी व कोटवारों का दल ढोल-ढमाकों के साथ नगर के अन्य मंदिरों में पूजन के लिए रवाना हुआ। शाम सात बजे तक नगर के 40 से अधिक देवी व भैरव मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई। पूजन का समापन गढ़ कालिका क्षेत्र स्थित हांडी फोड़ भैरव मंदिर में हुआ।

नगर पूजा में यह खास

-27 किलोमीटर लंबा नगर पूजा मार्ग

-40 से अधिक देवी व भैरव मंदिर में पूजा

-25 बोतल देशी मदिरा

-39 प्रकार की पूजन व भोग समाग्री

-12 घंटे का समय लगा पूजा-अर्चना में

ये मंदिर विशेष

चौंसठ योगिनी माता, लालबाई फूल बाई, गढ़कालिका, चामुंडा माता, नगरकोट माता, अर्घ काल भैरव, भूखी माता, नाकेवाली माता, खूंटपाल भैरव सहित 40 से अधिक मंदिरों में पूजा-अर्चना की गई।

2100 साल पुरानी परंपरा

पुराविद् डॉ. रमण सोलंकी के अनुसार शहर में नगर पूजा की परंपरा करीब 2100 साल पुरानी है। किंवदंतियों के अनुसार सम्राट विक्रमादित्य द्वारा शारदीय नवरात्र की महाअष्टमी पर नगर की सुख समृद्धि के लिए धूमधाम से नगर पूजा की जाती थी। मान्यता है कि ज्योतिर्लिंग महाकाल के प्राचीन द्वार चौबीस खंभा स्थित माता महामाया व महालया की पूजा-अर्चना के साथ नगर पूजा की शुरुआत होती थी। इसी पौराणिक व धार्मिक मान्यता के चलते आज भी चौबीसखंबा माता मंदिर से नगर पूजा की शुरुआत की जाती है।

इसलिए की जाती है नगर पूजा

महाकाल वन में काल के अधिपति महाकाल, आदिशक्ति हरसिद्धि, अष्ट महाभैरव, सिद्धधाम आदि मौजूद हैं। नगर के संतुलन के विभिन्न् कोणों में अनेकानेक रूप में शक्तियों का वास है। शारदीय नवरात्रि में इन सभी की प्रसन्न्ता के लिए सात्विक व तामसिक सामग्रियों से पूजा-अर्चना की जाती है। नगर पूजा के लिए निर्धारित 27 किलोमीटर लंबे मार्ग पर तांबे की हांडी में मदिरा भरकर धार लगाई जाती है, साथ ही भजिये-पूड़ी, साबुत अनाज भी अर्पित किया जाता है। मान्यता है कि नगर में विद्यमान देवी-देवताओं के अलावा इस प्रकार की पूजा से अतृप्तों को तृप्ति मिलती हैैं और इससे नगर में वर्षभर सुख-समृद्धि बनी रहती है।

शक्तिपीठ में कलेक्टर ने सपत्नकि किया पूजन

शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर में महाअष्टमी पर कलेक्टर आशीष सिंह ने दोपहर 12 बजे सपत्नीक माता हरसिद्धि की पूजा-अर्चना की। परंपरा अनुसार कलेक्टर ने माता को चुनरी व सौभाग्य सामग्री अर्पित की। पश्चात फल व मिष्ठान्न् का नैवेद्य लगाकर आरती की गई।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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