Mahakal Bhasm Aarti: महाकाल मंदिर में दर्शन व्यवस्था को और अधिक उम्दा बनाने के लिए महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति एक नया प्रयोग करने जा रही है। प्रयोग यह कि महाकाल भस्म आरती में शामिल हुए श्रद्धालुओं के पास आरती के बाद मोबाइल पर मैसेज और फोन काल आएगा। इसमें पांच सवाल फूछे जाएंगे। सवाल, भस्म आरती के अनुभव से जुड़े होंगे। ये भी पूछा जाएगा कि आपको आरती की अनुमति किसने प्रदान की और इसके एवज में आपसे कितनी राशि ली गई। ऐसा किए जाने से दर्शन व्यवस्था में सक्रिय दलालों की पहचान आसानी से हो पाएगी। श्रद्धालुओं के अनुभव के आधार पर और अधिक बेहतर कार्य कराए जा सकेंगे। मंदिर प्रशासक संदीप सोनी ने बताया कि महाकाल मंदिर का काल सेंटर, श्रद्धालुओं को काल कर फीडबैक लेगा। एक फीडबैक फार्म भेजेगा, जिसमें पांच सवाल होंगे।

रोजाना 1600 लोगों को है भस्मारती में शामिल होने की अनुमति

महाकाल मंदिर में रोज तड़के होने वाली भस्म आरती के लिए रोजाना 1800 भक्तों को ही आरती में सम्मिलित होने की अनुमति मिलती है। कई लोग इस आरती में श्रद्धालुओं को शामिल कराने के लिए ठगी करते हैं। ऐसे मामलों में पहले कुछ की पहचान कर कार्रवाई भी की गई है।

ये 5 सवाल पूछे जाएंगे

1. भस्म आरती में आपका अनुभव कैसा था।

2. भस्म आरती की परमिशन आपने किसके माध्यम से करवाई।

3. भस्म आरती की परमिशन के लिए आपको कितना शुल्क देना पड़ा।

4. कोई असुविधा तो नहीं हुई।

5 आरती की परमिशन के लिए आपसे तय शुल्क से ज्यादा रुपए की डिमांड तो नहीं की गई।

फिलहाल ये है व्यवस्था

महाकाल मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं के लिए भस्म आरती की अनुमति प्रत्यक्ष रूप से कार्यालय पहुंचकर दी जाती है और इंटरनेट के माध्यम से भी दी जाती है। नियम है कि प्रत्यक्ष अनुमति के लिए भक्तों को एक दिन पहले मंदिर में टिकट खिड़की पर पहुंचकर अनुमति फार्म भरकर अनुमति लेना होती है। ये व्यवस्था निःशुल्क है। इंटरनेट के माध्यम से मिलने वाली अनुमति के लिए श्रद्धालु मंदिर की वेब साइट पर जाकर अनुमति प्राप्त कर सकते हैं। इसके लिए 200 रुपए शुल्क निर्धारित है। प्रोटोकाल में भी भक्तों को अनुमति मिलती है। इसमें अधिकारी, नेता, मंत्री, विधायक, सांसद और मीडिया का अलग अलग कोटा है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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