उज्जैन। महाकाल भस्मारती अनुमति में फिर से धांधली की शिकायत मिलने के बाद मंदिर समिति ने व्यवस्था में निगरानी बढ़ा दी है। गुरुवार अलसुबह पांच युवक भस्मारती परमिशन पास के साथ मंदिर पहुंचे। जांच में पता चला कि इनमें से दो युवकों को अनुमति ही जारी नहीं हुई है। ये किसी और को जारी परमिशन पर दर्शन करने पहुंच गए थे। इसके लिए उन्होंने अनुमति पास में छेड़छाड़ भी की थी। कर्मचारियों ने पांचों युवकों को पुलिस के हवाले कर दिया। हालांकि बाद में समझाइश के बाद युवकों को छोड़ दिया गया।

बता दें कि महाकाल मंदिर में रोज तड़के होने वाली भस्मारती के दर्शन के लिए देश-विदेश से सैकड़ों श्रद्धालु उज्जैन आते हैं। इसकी अनुमति ऑनलाइन और मैनुअल जारी की जाती है। बुधवार को इंदौर के पांच युवकों ने राहुल, वीनू, जीवन, आकाश व एक अन्य ने भस्मारती अनुमति के लिए आवेदन दिया था। सभी को अनुमति जारी हुई। मगर गुरुवार सुबह इनमें से दो युवक नहीं आए। इनके स्थान पर दो अन्य भस्मारती दर्शन के लिए पहुंच गए। इसके लिए उन्होंने अनुमति पास में छेड़छाड़ और एडिटिंग कर अपना नाम प्रिंट करवा लिया था। मगर जांच के दौरान यह पकड़े गए।

पुलिस को सौंपा, तीन ने की भस्मारती

मंदिर कर्मचारियों ने गड़बड़ी पकड़ने के बाद पांचों को महाकाल चौकी पर पुलिस के हवाले कर दिया। पुलिस ने पांचों से पूछताछ की। इसके बाद जिनकी पास वैध भस्मारती अनुमति थी उन्हें मंदिर में प्रवेश दिया गया। बाकी को लौटा दिया गया। पुलिस ने पांचों युवकों को समझाइश भी दी।

फोन कर पूछ रहे-आपसे रुपए तो नहीं लिए

बीते दिनों भस्मारती में दलाली की शिकायतें प्रशासन के पास पहुंची थीं। इस पर समिति ने दलाली खत्म करने के लिए एक और कदम उठाया है। भस्मारती दर्शन करने आने वाले श्रद्धालुओं से मोबाइल कॉल कर पूछा जा रहा है कि आपने कोई शुल्क तो नहीं दिया। भस्मारती प्रभारी मूलचंद जूनवाल ने बताया कि श्रद्धालुओं को यह बताया जा रहा है कि भस्मारती दर्शन पूरी तरह निःशुल्क है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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