Mahakal Lok Lokarpan: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विजय दशमी पर बुधवार को शाही ठाठ-बाट के साथ भगवान महाकाल की सवारी निकली। अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में सवार होकर शमी वृक्ष पूजन के लिए दशहरा मैदान पहुंचे। दशहरा मैदान तक करीब सात किलोमीटर लंबे सवारी मार्ग पर राजाधिराज के स्वागत में प्रजाजन पलक पावड़े बिछाए खड़े थे। नगरवासियों को सवारी में अवंतिकानाथ की शाही शान के साथ मनोहारी झांकी के रूप में नवनिर्मित "महाकाल लोक' के दर्शन हुए। दिव्य व भव्य सवारी के साथ महाकाल लोक के सात दिवसीय लोकार्पण महोत्सव की शुरुआत सार्थक रही। तेज बारिश के बीच महाकाल की सवारी निकाली गई है। सीएम उज्‍जैन में रावण दहन कार्यक्रम में भी शामिल हुए। वर्षा के बीच भी सीएम श‍िवराज सिंह चौहान पैदल चले और लोगों का अभिवादन किया।

दोपहर 3.30 बजे मंदिर के सभा मंडप में मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान ने भगवान महाकाल के मनमहेश रूप का पूजन कर पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। इसके बाद मुख्यमंत्री पत्नी साधना सिंह के साथ डमरू बजाते हुए कोट मोहल्ला तक पैदल भी चले। सवारी में पुणे की नाद ब्रह्म ढोल पार्टी, इंदौर का राजकमल बैंड तथा मुंबई की आराध्या ढोल पार्टी राजा की शाही शान का बखान करते चल रहे थे। भस्म रमैया भक्त मंडल के झांझ-डमरू की मंगल ध्वनि भक्ति के उल्लास को दोगुना कर रही थी। हाथी, पुलिस का घुड़सवार दल, सशस्त्र बल की टुकड़ी, भजन मंडलियां, शहर के वरिष्ठ नागरिक,राजनीतिक दलों के पदाधिकारी कारवां में शामिल थे।

दुल्हन की तरह सजा मार्ग : भगवान महाकाल के नए शहर में आने की खुशी तैयारियों में झलक रही थी। सवारी मार्ग पर रंगोली बनाई गई थी। स्वागत द्वार तथा पुष्प सज्जा से फ्रीगंज क्षेत्र दमक रहा था । दुल्हन की तरह सजे मार्ग पर आकर्षक विद्युत सज्जा भी की गई थी।

100 से अधिक मंचों से पुष्प वर्षा : विभिन्न सामाजिक, धार्मिक, राजनीतिक व खेल संस्थाओं द्वारा सवारी मार्ग पर मंच लगाकर पालकी का पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया। विशेष स्थानों पर आतिशबाजी भी नजर आई।

सीएम ने इस मौके पर कहा कि महाकाल लोक अद्भुत है। हमारा सपना साकार हुआ। प्रधानमंत्री नरेन्‍द्र मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। प्रदेश का हर शख्‍स इसमें अपनी भागीदारी कर इस उत्‍सव को मनाए।

इसके पहले डीजीपी सुधीर सक्सेना ने महाकाल लोक का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।

पुजारी प्रदीप गुरु के अनुसार शमी वृक्ष विजय का प्रतीक है। राजसी परंपरा में विजयदशमी पर राजा-महाराजा शमी वृक्ष का पूजन कर राज्य विस्तार के लिए प्रस्थान करते थे। लौकिक जगत में भगवान महाकाल उज्जैन के राजा हैं, इसलिए वे भी विजय दशमी पर प्रतिवर्ष शमी वृक्ष का पूजन करने दशहरा मैदान जाते हैं। इस बार भगवान महाकाल सवारी के साथ "महाकाल लोक' के उद्घाटन का सात दिवसीय उत्सव प्रारंभ हुआ। इसलिए सवारी को भव्य स्वरूप प्रदान किया गया है।

प्रथम आमंत्रण चिंतामन गणेश को

'महाकाल लोक" का लोकार्पण 11 अक्टूबर को प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी करेंगे। समारोह भव्य और ऐतिहासिक होगा, जिसमें उज्जैन सहित पूरे प्रदेश को आमंत्रित किया जा रहा है। समारोह का प्रथम आमंत्रण मंगलवार को प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री डा. मोहन यादव, महापौर मुकेश टटवाल ने भगवान श्री चिंतामन गणेश को दिया। उन्होंने बताया कि प्रत्येक दिन धर्म, कला, साहित्य एवं संस्कृति से जुड़ी गतिवधियां शहर में होंगी।

उत्सव में ये कार्यक्रम

6 अक्टूबर : विक्रम विश्वविद्यालय की प्राचीन भारतीय इतिहास अध्ययनशाला में सुबह 11 बजे सामाजिक समरसता और भगवान शिव विषय पर राष्ट्रीय संगोष्ठी।

7 अक्टूबर : शास्त्रीनगर मैदान पर शाम सात बजे हेडवे क्रियेशंस ग्रुप दिल्ली द्वारा महादेव लेजर शो और राष्ट्रवादी सामान्य जनचेतना विकास द्वारा महानाट्य 'महाकाल गाथा" का मंचन।

8 अक्टूबर : शास्त्रीनगर मैदान पर शाम सात बजे मथुरा के प्रसिद्ध गायक पंडित सुखदेव चतुर्वेदी श्रीकृष्ण प्रणीत महाकाल स्त्रोतम का गान और महानाट्य 'महाकाल गाथा" का मंचन।

9 अक्टूबर : शास्त्रीनगर मैदान पर शाम सात बजे टेलीविजन शो इंडिया गाट टेलेंट में प्रस्तुति दे चुके वारियर स्क्वाड एवं बाम्बे फायर ट्रूप के कलाकारों द्वारा शिव गणेश स्तुति की प्रस्तुति और महाकाल गाथा का मंचन।

10 अक्टूबर : दशहरा मैदान पर शाम सात बजे पद्मश्री पार्श्व गायक सोनू निगम द्वारा भगवान शिव के भजन और देशभक्ति गीतों की प्रस्तुति।

11 अक्टूबर : कार्तिक मेला मैदान पर शाम सात बजे प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी द्वारा "महाकाल' लोक का लोकार्पण किया जाएगा और पद्मश्री गायक कैलाश खेर द्वारा शिव भजनों की प्रस्तुति दी जाएगी।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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