Mahakal Savari : उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिध‍ि)। भादौ मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकली। शक्तिपीठ हरसिद्धि पर रंगारंग अतिशबाजी के बीज शिव-शक्ति मिलन हुआ। अद्भुत दृश्य को देख भक्त भावविभोर हो गए। माता हरसिद्धि व अवंतिकानाथ के जयकारों से धर्मधानी गुंजायमान हो गई। श्रावण-भादौ मास के क्रम में 17 अगस्त को भगवान महाकाल की शाही सवारी निकलेगी।

मंदिर की परंपरा अनुसार सभा मंडप में पूजन पश्चात शाम चार बजे शाही ठाठबाट के साथ राजाधिराज भगवान महाकाल का नगर भ्रमण शुरू हुआ। बड़ा गणेश, हरसिद्धि चौराहा, सिद्धआश्रम के सामने से होते हुए अवंतिकानाथ की पालकी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंची।

यहां पुजारियों ने शिप्रा जल से भगवान महाकाल का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की। पूजन पश्चात सवारी हरसिद्धि की पाल के रास्ते शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर पहुंची। यहां हरसिद्धि मंदिर के पुजारियों ने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना की। इस दौरान रंगारंग अतिशबाजी के मनोरम दृश्य ने भक्तों का मन मोह लिया। शाम करीब 5.30 बजे भगवान की पालकी पुनः मंदिर पहुंची।

भादौ मास में सोमवार को भगवान महाकाल की पहली सवारी निकली। सावन माह की तरह ही कोरोना संक्रमण को देखते हुए इसमें श्रद्धालुओं को शामिल होने की अनुमति नहीं मिली।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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