Mahakal Savari : उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की चौथी सवारी निकली। राजाधिराज महाकाल के दो रूपों में दर्शन कर भक्त निहाल हो गए। अवंतिकानाथ चांदी की पालकी में मनमहेश और चंद्रमौलेश्वर रूप में हाथी पर सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले।

मंदिर के सभा मंडप में अधिकारियों ने भगवान के मनमहेश रूप का पूजन कर सवारी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। बड़ा गणेश, हरसिद्धि चौराहा, झालरिया मठ के रास्ते सिद्धआश्रम के सामने से होकर राजा की पालकी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंची। यहां पुजारियों ने शिप्रा जल से भगवान का अभिषेक कर पूजा-अर्चना की।

पूजन पश्चात सवारी हरसिद्धि की पाल से होकर शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर के सामने से शाम करीब 5.40 पर पुनः मंदिर पहुंची। महाकाल की अगली सवारी सोमवार को श्रावणी पूर्णिमा पर रक्षाबंधन के दिन निकलेगी। बता दें कि इस वर्ष कोरोना संक्रमण के कारण सवारी का रूप छोटा किया गया है। इस बार भगवान के दो ही रूपों के दर्शन कराए जा रहे हैं। सामान्य दिनों में श्रावण-भादौ मास की सवारियों में महाकाल के सात रूपों के दर्शन होते हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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