Mahakal Savari उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। कार्तिक-अगहन मास में इस बार भगवान महाकाल की छह सवारियां निकलेंगी। मंदिर की परंपरा अनुसार अवंतिकानाथ तीर्थ पूजन के लिए मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट जाएंगे।

28 नवंबर को रात 11 बजे होगा हर बाबा महाकाल का हरि गोपालजी से मिलन

वैकुंठ चतुर्दशी पर 28 नवंबर को रात 11 बजे 'हर बाबा महाकाल' 'हरि गोपालजी' से मिलने गोपाल मंदिर जाएंगे। यहां मध्य रात्रि में हरि-हर मिलन कराया जाएगा। हालांकि कोरोना संक्रमण के कारण सवारी का रूप कैसा होगा, यह अभी तय नहीं हुआ है।

पांच सवारियां निकली थी प‍िछले साल

गत वर्ष पांच सवारियां निकली थीं। कार्तिक-अगहन मास की सवारियों के निकलने का क्रम कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष से होता है।

पहली सवारी 16 नवंबर सोमवार को भाई दूज पर

जानकारी के अनुसार भगवान महाकाल की पहली सवारी 16 नवंबर सोमवार को भाई दूज पर निकलेगी। दूसरी 23 नवंबर और तीसरी सवारी कार्तिक पूर्णिमा पर 30 नवंबर को निकलेगी।

अगहन मास की पहली सवारी भैरव अष्टमी पर निकलेगी

अगहन मास की पहली सवारी भैरव अष्टमी पर सात दिसंबर को निकलेगी। कार्तिक, अगहन मास की शाही सवारी पर 14 दिसंबर को सोमवती अमावस्या का महासंयोग रहेगा। मान्यता अनुसार कार्तिक-अगहन मास में भगवान महाकाल तीर्थ पूजन के लिए मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट जाते हैं।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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