उज्जैन, Mahakal Sawari 2021। उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। श्रावण मास में सोमवार को भगवान महाकाल की दूसरी सवारी निकली। भगवान चांदी की पालकी में चंद्रमौलेश्वर तथा हाथी पर मनमहेश रूप में सवार होकर भक्तों को दर्शन देने निकले। मंदिर के सभा मंडप में कलेक्टर आशीष सिंह व एसपी सत्येंद्रकुमार शुक्ला ने भगवान के चंद्रमौलेश्वर रूप का पूजन कर पालकी को नगर भ्रमण के लिए रवाना किया। मंदिर के मुख्य शहनाई द्वार पर सशस्त्र बल की टुकड़ी ने अवंतिकानाथ को सलामी दी। इसके बाद करवां शिप्रा तट की ओर रवाना हुआ। महाराजवाड़ा स्कूल तिराहा, बड़ा गणेश, हरसिद्धि चौराहा व झालरिया मठ के रास्ते सवारी मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंची।

यहां पुजारियों ने शिप्रा जल से भगवान महाकाल का अभिषेक कर पूजा अर्चना की। पश्चात सवारी रामानुजकोट, हरसिद्धि पाल होते हुए शक्तिपीठ हरसिद्धि मंदिर पहुंची। यहां रंगारंग आतिशबाजी के बीच शिव शक्ति मिलन कराया गया। इसके बाद सवारी फिर से महाकाल मंदिर पहुंची। सवारी मार्ग पर राजाधिराज के स्वागत में रंगबिरंगी ध्वजा व रंगोली सजाई गई थी। आतिशबाजी भी हुई।कोरोना संक्रमण की रोकथाम के लिए भक्तों को सवारी में प्रवेश नहीं दिया गया।

50 हजार भक्तों ने किए महाकाल दर्शन

श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर करीब 50 हजार भक्तों ने भगवान महाकाल के दर्शन किए। सुबह से ही बड़ी संख्या में भक्त चारधाम मंदिर के समाने दर्शन की कतार में खड़े हो गए थे। भारी भीड़ को देखते हुए अधिकारियों ने श्रद्धालुओं को सीधे प्रवेश देने का निर्णय लिया। सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक निर्बाध दर्शन का सिलसिला जारी रहा। सोमवार को महाकाल दर्शन करने वालों में प्रदेश के कैबिनेट और जिले प्रभारी मंत्री जगदीश देवड़ा, मुख्यमंत्री शिवराजसिंह चौहान की पत्नी साधनासिंह आदि शामिल थे।

Posted By: Prashant Pandey

NaiDunia Local
NaiDunia Local