उज्जैन (ब्यूरो)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में 17 जुलाई से श्रावण मास की शुरुआत होगी। मंदिर प्रशासन ने अब तक कर्मचारियों को यूनिफॉर्म खरीदने के लिए राशि नहीं दी है। प्रबंध समिति के निर्णय अनुसार महापर्व से पहले कर्मचारियों को ड्रेस खरीदने के लिए नकद राशि देनी थी।

महाकाल में मंदिर समिति के करीब 300 कर्मचारी कार्यरत हैं। समिति ने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड लागू कर रखा है। समिति अब तक कर्मचारियों को यूनिफॉर्म का कपड़ा तथा सिलाई के लिए नकद राशि देती आई है। लेकिन बीते दिनों हुई प्रबंध समिति की बैठक में कर्मचारियों को यूनिफॉर्म के लिए कपड़े की बजाय नकद राशि देने का निर्णय हुआ था। श्रावण मास शुरू होने में महज चार दिन शेष रह गए हैं और अब तक मंदिर प्रशासन ने कर्मचारियों को ड्रेस के लिए राशि उपलब्ध नहीं कराई है। कर्मचारियों को बीते दो साल से ड्रेस नहीं मिली है।

कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश पर रोक

श्रावण-भादौ मास को देखते हुए व्यवस्था की दृष्टि से मंदिर प्रशासन ने कर्मचारियों के साप्ताहिक अवकाश पर रोक लगा दी है। 15 जुलाई से 31 अगस्त तक डेढ़ माह के लिए कर्मचारियों को साप्ताहिक अवकाश का लाभ नहीं मिलेगा।

लड्डू निर्माण यूनिट में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई

श्रावण मास की व्यवस्था को लेकर शनिवार को अफसरों ने मंदिर कर्मचारियों की बैठक ली। कर्मचारियों को महापर्व के दौरान मुस्तैदी व ईमानदारी से कार्य करने की हिदायत दी गई। श्रावण मास में सुरक्षा के चाकचौबंद इंतजाम रहें, इसलिए सुरक्षाकर्मियों की संख्या बढ़ाई जाएगी। लड्डू प्रसाद की किल्लत ना हो, इसके लिए चिंतामन स्थित लड्डू प्रसाद निर्माण यूनिट में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाई गई है।

Posted By: Rahul Vavikar

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