Mahakal Temple Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। विश्व प्रसिद्ध ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में गुरुवार शाम सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना तथा सुप्रीम कोर्ट के जस्टिस जेके महेश्वरी सपरिवार दर्शन करने पहुंचे। मंदिर प्रबंध समिति की ओर से अनका सम्मान किया गया। महाकाल दर्शन के उपरांत मुख्य न्यायाधीश ने शक्तिपीठ हरसिद्धि व कालभैरव मंदिर के भी दर्शन किए। उन्‍होंने शुक्रवार तड़के 4 बजे भगवान महाकाल की भस्मारती के दर्शन भी किए।

सीजेआई ने सपरिवार शुक्रवार को भगवान महाकालेश्वर की प्रातः काल हुई भस्म आरती के दर्शन कर पूजन अर्चन किया। पूजा पंडित आशीष पुजारी, संजय पुजारी, पंडित विकास पुजारी व प्रदीप पुजारी ने संपन्न करवाया। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी तथा महाकालेश्वर मंदिर के अन्य पंडित और पुरोहित मौजूद थे।

कल महाकाल मंदिर में मुख्य न्यायाधीश ने नंदी हाल से भगवान महाकाल के दर्शन किए थे। पुजारी पं.घनश्याम शर्मा व पं.आशीष पुजारी ने पूजा अर्चना संपन्न कराई तथा दुशाला ओढ़ाकर भगवान महाकाल का चित्र व प्रसादी भेंट की। इस अवसर पर संभागायुक्त संदीप यादव, आइजी संतोष कुमारसिंह, कलेक्टर आशीषसिंह, एसपी सत्येंद्र कुमार शुक्ल, एसडीएम संतोष टैगोर ने अगवानी कर स्वागत किया। सहायक प्रशासक पूर्णिमा सिंगी, मूलचंद जूनवाल व सहायक प्रशासनिक अधिकारी आरके तिवारी भी मौजूद थे।

शुक्रवार तड़के चार बजे सुप्रीम कोर्ट के मुख्य न्यायाधीश एनवी रमना ने सपरिवार भगवान महाकाल की भस्मारती के दर्शन किए। नंदी हाल में बैठकर उन्होंने भगवान महाकाल की पूजा-अर्चना भी की। पुजारियों ने उनके हाथों जल व पूजन सामग्री स्पर्श कराकर भगवान महाकाल को अर्पित किए। आरती के उपरांत मुख्य न्यायाधीश ने भगवान नंदीजी के दर्शन भी किए।

पं. आशीष पुजारी ने बताया कि मान्यता है कि नंदी धर्म के प्रतीक हैं। नंदी के दोनों सींगों पर हाथ रखकर भगवान के दर्शन करने से महाकाल के पूर्ण दर्शन माने जाते हैं। नंदी के कान में कही गई मनोकामना भगवान शिव पूर्ण करते हैं। इन्हीं धार्मिक मान्यताओं के आधार पर सीजेआइ ने भगवान महाकाल के दर्शन किए हैं। इसके बाद वे शासकीय पुजारी पं.घनश्याम शर्मा के आश्रम पर भी पहुंचे।कार्तिक पूर्णिमा के महापर्व पर मुख्य न्यायाधीश ने मोक्षदायिनी शिप्रा के रामघाट पहुंचकर दीपदान किया।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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