चारधाम मंदिर के सामने जूता स्टैंड, टिकट व प्रसाद काउंटर लगाए

शुक्रवार को बड़ी संख्या में अन्य प्रांतों से श्रद्धालु दर्शन के लिए महाकाल मंदिर पहुंचे।

Mahakal Temple Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में प्रशासन ने शनिवार, रविवार व सोमवार के लिए नई दर्शन व्यवस्था लागू की है। भीड़ वाले इन तीन दिनों में दर्शनार्थियों को शंख द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए चारधाम मंदिर के सामने जूता स्टैंड, शीघ्र दर्शन टिकट तथा लड्डू प्रसाद के करीब 10 काउंटर लगाए गए हैं। ज्ञात हो कि मंदिर में श्रावण के पहले सोमवार पर दर्शन व्यवस्था बिगड़ गई थी। धक्का-मुक्की के चलते बैरिकेड्स गिर गए थे। इसके बाद प्रशासन ने शनिवार से ही नई व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है।

भक्तों को महाकाल दर्शन करने के लिए अग्रिम बुकिंग कराना अनिवार्य है। जिन श्रद्धालुओं ने दर्शन की अग्रिम बुकिंग नहीं कराई है, उन्हें 250 रुपये के शीघ्र दर्शन टिकट खरीदने पर मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। दर्शनार्थी चारधाम मंदिर, हरसिद्धि चौराहा होते हुए बड़े गणेश मंदिर के समाने से वीआइपी गेट वाले रास्ते से शंख द्वार पहुंचेंगे। यहां से फैसिलिटी सेंटर, महाकाल टनल में होकर 6 नंबर गेट से कार्तिकेय मंडप के रैंप से होकर गणेश मंडपम् में पहुंचेंगे तथा भगवान महाकाल के दर्शन करेंगे। दर्शन के उपरांत श्रद्धालु नंदी हाल के रैंप से परिसर में आएंगे तथा मंदिर के निर्गम द्वार से बाहर निकलेंगे।

बेगमबाग व महाकाल घाटी वाला मार्ग बंद रहेगा

महाकाल दर्शन करने आने वाले दर्शनार्थियों को चारधाम मंदिर के सामने से शंख द्वार की ओर प्रवेश दिया जाएगा। इसके लिए हरिफाटक ओवरब्रिज से बेगमबाग की ओर जाने वाले मार्ग को बंद रखा जाएगा। महाकाल घाटी की ओर से भी मंदिर की ओर जाने वाला मार्ग बंद रहेगा।

सोमवार को विशेष दर्शन व सामान्य प्रोटोकाल बंद रहेगा

श्रावण मास के दूसरे सोमवार पर केवल अग्रिम बुकिंग कराने वाले भक्तों को मंदिर में प्रवेश मिलेगा। मंदिर प्रशासन ने सोमवार के दिन 250 रुपये के शीघ्र दर्शन तथा सामान्य प्रोटोकाल की सुविधा बंद रखने का निर्णय लिया है। भक्तों को सुबह 5 बजे से दोपहर 1 बजे तक तथा सवारी के बाद शाम 7 बजे से रात 9 बजे तक मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा।

सवारी मार्ग पर आम भक्तों का प्रवेश सख्ती से रोका जाएगा

श्रावण मास में सोमवार को निकलने वाली भगवान महाकाल की दूसरी सवारी को लेकर भी समिति ने निर्णय लिया है। सोमवार को सभा मंडप में पालकी पूजन के समय पुजारी व कहार के अलावा किसी को भी प्रवेश नहीं मिलेगा। सवारी में पुजारी, कहार, पुलिस तथा मंदिर के पांच कर्मचारी मौजूद रहेंगे। सवारी मार्ग की ओर आने वाले रास्तों को सवारी के पूर्व से ही बंद कर दिया जाएगा। दर्शनार्थी व भीड़ को रोकने के लिए पर्याप्त पुलिस बल तैनात किया जाएगा। किसी भी व्यक्ति को सवारी मार्ग पर आने की इजाजत नहीं होगी।

महाकाल मंदिर में श्रावण मास के पहले सोमवार भारी भीड़ सुरक्षा इंतजामों को धता बताते हुए मंदिर में प्रवेश कर गई थी। मंदिर के गार्ड व सुरक्षाकर्मी भी व्यवस्था नहीं संभाल पाए थे। उस घटना की व्यापक निंदा हुई थी। एडीजी ने भी नाराजी जताते हुए घटना की समीक्षा करने के निर्देश दिए थे।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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