Mahakal Temple Ujjain: उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महाकाल मंदिर में रंगपंचमी पर शुक्रवार तड़के भस्मारती में राजाधिराज भगवान महाकाल को फूलों से बना रंग अर्पित किया गया। पुजारियों ने भगवान के साथ होली खेली। कोरोना संक्रमण के कारण इस बार दर्शनार्थियों का प्रवेश प्रतिबंधित था।

अवंतिकानाथ की होली के लिए पुजारियों ने गुरुवार को 1 क्विंटल टेसू के फूलों से 200 लीटर प्राकृतिक रंग तैयार किया था। भस्मारती के दौरान भगवान पर सतत रंगधारा प्रवाहित की गई।

पुजारी प्रदीप गुरु ने बताया राजाधिराज महाकाल रंगपंचमी पर टेसू के फूलों से बने सुंगधित रंग से होली खेलते हैं। यह परंपरा अनादिकाल से चली आ रही है। प्राकृतिक रंग तैयार करने के लिए आगर व नलखेड़ा के जंगलों से 1 क्विंटल टेसू के फूल मंगवाए गए थे। चार लोगों ने 5 घंटे में 200 लीटर प्राकृतिक रंग तैयार किया।

प्रतीकात्मक ध्वज चलसमारोह

संक्रमण को देखते हुए पुजारी, पुरोहित परिवार के सदस्यों ने रंगपंचमी पर शाम को निकलने वाले श्री महाकालेश्वर ध्वज चल समारोह को भी स्थगित कर दिया गया है। शुक्रवार शाम को केवल मंदिर परिसर में ध्वज घुमाकर परंपरा का निर्वहन किया जाएगा।

Posted By: Hemant Kumar Upadhyay

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