-वन्दे मातरम् के गान से हुआ सांस्कृतिक संध्या का शुभारंभ

-कलाकारों ने लय, ताल व वाद्य से की शिव अर्चना

उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। स्वतंत्रता दिवस की पूर्व संध्या पर त्रिवेणी संग्रहालय के सभागार में आयोजित अखिल भारतीय श्रावण महोत्सव की पांचवीं सांझ राष्ट्र भक्ति से ओतप्रोत रही। प्रशासक गणेश कुमार धाकड़ द्वारा दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। इसके बाद वन्दे मातरम् राष्ट्रीय गीत गाया गया। तत्पश्चात प्रस्तुति देने वाले कलाकारों को अतिथियों द्वारा स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया।

गीत, संगीत व नृत्य की कला त्रिवेणी से सजी शाम की शुरुआत मुंबई के धनंजय हेगड़े के शास्त्रीय गायन से हुई। उन्होंने प्रस्तुति का आरंभ राग अभोगी द्रुत तीन ताल में द्यदीनदयालु परमेश्वर एवं राग केदार में शिव भजन द्यपरम पिता प्रभु वर परमेश्वर प्रस्तुत किया। डा.विवेक बंसोड़ ने हारमोनियम, हितेंद्र दीक्षित ने तबला तथा प्रतिमा हेगड़े ने तानपुरे पर संगत की। दूसरी प्रस्तुति में जयपुर के ऐश्वर्य आर्य ने पखावज वादन से दर्शकों का मनमोह लिया। आर्य ने प्रस्तुति का आरंभ बारह ज्योतिर्लिंग परण से किया। इसके बाद वादन शैली की विविधता से कुशलता का परिचय दिया। अब्दुल हमीद लतीफ ने वायलिन तथा सैय्यद अरशद ने सारंगी पर संगत की। सांझ का समापन उज्जैन की परिधि नीमा लोखण्डे के कथक नृत्य की प्रस्तुति से हुआ। परिधि ने द्यनमामीशमीशान निर्वाण रूपम् शिव वंदना से भगवान महाकाल की स्तुति के बाद शुद्ध कथक में तीन ताल थाट, उठान, परण, आमद, तोड़े, टुकड़े, चक्करदार तिहरे बोले व घरमेलू की प्रस्तुति दी। संगतकारों में पढ़ंत पर धीरेंद्र तिवारी, हारमोनियम और गायन कुलदीप दुबे तथा तबले पर अभिषेक माथुर उपस्थित रहे। संचालन रमेश शुक्ल ने किया। आभार कार्यक्रम की सूत्रधार गौरी जोशी ने माना।

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