उज्जैन, नईदुनिया प्रतिनिधि। ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में नई दर्शन व्यवस्था के पहले दिन बुधवार को करीब पांच हजार से अधिक भक्तों ने गर्भगृह में जाकर भगवान महाकाल के दर्शन किए। देश विदेश से आए श्रद्धालु भगवान महाकाल का जलाभिषेक कर खुश नजर आए। आम भक्तों की अपेक्षा प्रोटोकॉल के तहत आने वाले वीआईपी की संख्या कम रही। 1500 रुपए के अभिषेक की रसीद पर भी पूरे दिन में मात्र 38 श्रद्धालु गर्भगृह में पहुंचे।

प्रशासक सुजानसिंह रावत ने बताया नई दर्शन व्यवस्था आम भक्तों को केंद्र में रखकर बनाई गई है। आम दर्शनार्थियों के साथ वीआईपी व अभिषेक की रसीद वाले दर्शनार्थियों को प्रवेश नहीं दिया जा रहा है। इसी का परिणाम रहा कि जब भक्तों को बिना किसी परेशानी व रुकावट के गर्भगृह में सीधे प्रवेश मिला, तो प्रोटोकॉल व 1500 रुपए के अभिषेक की रसीद पर गर्भगृह में जाने वालों की संख्या कम हो गई। देश विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं ने भी नई व्यवस्था को सुविधाजनक व पारदर्शी बताया है।

तेजी से चली दर्शनार्थियों की कतार

मंदिर प्रशासन द्वारा लागू नई दर्शन व्यवस्था में जिस समय सामान्य दर्शनार्थियों को गर्भगृह में प्रवेश दिया जा रहा है, उस समय प्रोटोकॉल व अभिषेक की रसीद वाले दर्शनार्थियों का प्रवेश बंद रहता है। यह प्रयोग सफल रहा गर्भगृह में केवल समान्य दर्शनार्थी जा रहे थे। इससे दर्शन की कतार तेजी से चली व भक्तों को कम समय में सुविधा से भगवान के दर्शन हुए।

सुबह 17 व दोपहर में 21 रसीद कटी

नई व्यवस्था के पहले दिन प्रोटोकॉल दर्शन व्यवस्था में श्रद्धालुओं की संख्या काफी कम रही। सुबह 7.45 से 9.45 के बीच केवल 17 श्रद्धालुओं ने 1500 रुपए की रसीद कटाकर गर्भगृह में प्रवेश किया। दोपहर 2 से 4 बजे के बीच रसीद कटाने वाले श्रद्धालुओं की संख्या 21 रही।