उज्जैन। श्री महाकालेश्वर मंदिर एक बार फिर देश के स्वच्छ आइकॉनिक स्थलों में शामिल कर लिया गया है। स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत जल शक्ति मंत्रालय ने फर्स्ट रनरअप बतौर मंदिर का चयन किया है। इस उपलब्धि पर श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति को सम्मानित करने के लिए 6 सितंबर को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आमंत्रित किया है। ये सम्मान समिति की ओर से अध्यक्ष एवं कलेक्टर शशांक मिश्र और मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत प्राप्त करेंगे। मालूम हो कि महाकालेश्वर मंदिर को पूर्व में भी भारत सरकार की ओर से स्वच्छ आइकॉनिक स्थल घोषित किया जा चुका है।

महाकाल मंदिर देश के बारह ज्योतिर्लिंगों में से एक प्रमुख है। यहां नित्य प्रात: 4 से 6 बजे भस्मारती होती है और ज्योतिर्लिंग के विशेष श्रृंगार होते हैं। साल में एक बार महाशिवरात्रि पर ही भस्मारती दिन में होती है। प्रतिदिन मंदिर में हजारों श्रद्धालु देश-विदेश से दर्शन के लिए आते हैं। इस परिस्थिति में महाकाल मंदिर प्रशासन ने स्वच्छता के अनेक उपाय किए हैं। जल शक्ति मंत्रालय भारत सरकार ने मंदिर का चयन फर्स्ट रनरअप के रूप में किया है।

लगातार दूसरी बार चुना जाना उज्जैन के लिए गौरव की बात है। कलेक्टर मिश्र मंदिर प्रबंध समिति के पदेन अध्यक्ष हैं। कलेक्टर का पदभार ग्रहण करते ही उन्होंने मंदिर की साफ-सफाई पर फोकस किया और निरंतर अधिकारियों को दिशा निर्देश दिए। पिछले दो वर्षों से मंदिर समिति यहां की स्वच्छता पर विशेष ध्यान देते हुए आधुनिक मशीनों से साफ-सफाई करवा रही है। इसीलिए स्वच्छता के सभी मानकों पर मंदिर की व्यवस्थाएं खरी उतरी हैं। देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालु यहां की साफ-सफाई देखकर न केवल प्रसन्नता व्यक्त करते हैं बल्कि व्यवस्थाओं की सराहना भी करते हैं।