Mahakaleshwar Temple Ujjain : उज्जैन। विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योर्तिलिंग मंदिर में श्रावण पूर्णिमा को रक्षा बंधन पर भस्मारती के बाद सबसे पहले राखी बांधी गई। इसके साथ पुजारियों ने बाबा महाकाल को 11 हजार लड्डुओं का भोग लगाया। परंपरा के अनुसार उज्जैन में सभी त्योहार सबसे पहले महाकाल मंदिर में मनाए जाते हैं।

ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर में सोमवार को सबसे पहले रक्षाबंधन पर्व मनाया गया। भस्मारती में पुजारी परिवार की महिलाओं ने राजाधिराज को राखी बांधी। भगवान को लड्डुओं का महाभोग लगाया गया। यह पहला मौका है जब भक्त राजा के आंगन में मनाए जाने वाले राखी उत्सव में शामिल नहीं हुए। बता दें कोरोना संक्रमण के कारण भस्मारती में भक्तों के प्रवेश पर रोक लगी हुई है।तड़के चार बजे मंदिर के पट खुले। इसके बाद पुजारियों ने भगवान महाकाल का पंचामृत अभिषेक-पूजन कर भगवान को नवीन वस्त्र व आभूषण धारण कराकर श्रृंगार किया। इसके बाद पुजारी परिवार की महिलाओं ने अवंतिकानाथ को राखी बांधी। भगवान को 11 हजार लड्डुओं का महाभोग लगाकर आरती की गई। सुबह 7.30 बजे होने वाली बालभोग आरती में भी भगवान को राखी बांधी गई।

(वीडियो व फोटो: नौमिष दुबे)

Posted By: Prashant Pandey

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