उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। Mahashivratri 2020 ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर Jyotirlinga Mahakal Temple में 13 से 21 फरवरी तक महाशिवरात्रि पर्व मनाया जाएगा। महापर्व की तैयारियों को लेकर बुधवार को मंदिर कार्यालय में कलेक्टर शशांक मिश्र की अध्यक्षता में प्रबंध समिति की बैठक हुई।

गर्भगृह में भक्तों को प्रवेश मिलेगा या नहीं इसका निर्णय बाद में

इसमें दर्शन व्यवस्था का निर्धारण किया गया। हालांकि 21 फरवरी को महाशिवरात्रि के दिन गर्भगृह में भक्तों को प्रवेश मिलेगा या नहीं इसका निर्णय बाद में शासन प्रशासन की बैठक में लिया जाएगा।

मध्यरात्रि 1 बजे के बाद आम दर्शनार्थियों को कतार में खड़े होने की अनुमति मिलेगी

बैठक में हुए निर्णय के अनुसार महाशिवरात्रि Mahashivratri 2020 पर 20 फरवरी की मध्यरात्रि 1 बजे के बाद आम दर्शनार्थियों को कतार में खड़े होने की अनुमति दी जाएगी। सुबह 5 बजे भस्मारती के बाद सामान्य दर्शनार्थियों का मंदिर में प्रवेश शुरू होगा।

वृद्ध, दिव्यांग आदि भक्तों को भस्मारती द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा

सामान्य दर्शनार्थियों की कतार हरसिद्धि चौराहा से लगेगी। 250 रुपए के शीघ्र दर्शन टिकट वाले भक्तों को मंदिर के पीछे शंख द्वार से प्रवेश मिलेगा। वृद्ध, दिव्यांग आदि भक्तों को भस्मारती द्वार से मंदिर में प्रवेश दिया जाएगा। पुजारी, पुरोहित व प्रोटोकॉल के तहत आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों को मंदिर के डी गेट (पुलिस चौकी द्वार) से प्रवेश दिया जाएगा।

दर्शन के बाद मंदिर के पीछे निर्गम गेट से मंदिर के बाहर निकलेंगे दर्शनार्थी

सभी दर्शनार्थी भगवान महाकाल के दर्शन उपरांत मंदिर के पीछे निर्गम गेट से मंदिर के बाहर निकलेंगे। बैठक में पुलिस अधीक्षक सचिन अतुलकर, प्रशासक सुजानसिंह रावत तथा समिति सदस्य मौजूद थे।

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