उज्जैन। Mahashivratri ज्योतिर्लिंग महाकाल मंदिर Jyotirlinga Mahakal Temple में महाशिवरात्रि पर गर्भगृह में भक्तों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। दर्शनार्थी नंदी हॉल के पीछे बेरिकेड्स से भगवान महाकाल के दर्शन कर सकेंगे।

प्रभारी मंत्री सज्‍जन सिंह वर्मा ने दिए मंदिर समिति को आदेश

मंगलवार को प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा ने मंदिर समिति को इसके आदेश जारी किए हैं। प्रदेश सरकार के इस निर्णय से मंदिर के पुजारी, पुरोहित व आम भक्त काफी खुश हैं।

भक्‍तों को सुगमता से हो सकेंगे भगवान महाकाल के दर्शन

मंदिर प्रशासक सुजानसिंह रावत ने इस संबंध में जानकारी देते हुए बताया आम भक्तों की सुविधा के लिए प्रभारी मंत्री के निर्देश पर गर्भगृह में प्रवेश बंद रखने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था से महापर्व पर भक्तों को कम समय में सुगमता से भगवान महाकाल के दर्शन होंगे।

पुजारी, पुरोहितों ने की थी इस तरह की मांग

बता दें मंदिर के पुजारी, पुरोहितों ने महाशिवरात्रि पर गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की थी। साथ ही अपने यजमानों के लिए 1500 रुपए की रसीद नहीं कटवाने का भी निर्णय लिया था।

अखिल भारतीय पुजारी महासंघ ने भी मुख्यमंत्री कमलनाथ, प्रभारी मंत्री सज्जनसिंह वर्मा को इस संबंध में पत्र लिखकर आम भक्तों के हित में गर्भगृह में प्रवेश प्रतिबंधित करने की मांग की थी।इसके बाद यह निर्णय लिया गया है।

मंदिर में 21 फरवरी को शिवरात्रि महापर्व मनाया जाएगा। 20 फरवरी की मध्यरात्रि 2.30 बजे मंदिर के पट खोलने के बाद भगवान महाकाल को भस्म अर्पित कर आरती की जाएगी। सुबह 5 बजे से आम दर्शन का सिलसिला शुरू होगा, जो 22 फरवरी को रात 11 बजे शयन आरती तक जारी रहेगा। इस दौरान सतत 43 घंटे मंदिर के पट खुले रहेंगे।

Posted By: Hemant Upadhyay