उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। तराना निवासी एक गर्भवती महिला की शासकीय चरक अस्पताल में मौत हो गई। स्वजन बगैर पीएम करवाए शव को ले जाने लगे। कर्मचारियों ने रोका तो हंगामा हुआ। दो थाना प्रभारियों की समझाइश के बाद स्वजन पीएम करवाने को लेकर राजी हुए।

कोतवाली टीआइ अमित सोलंकी ने बताया कि कोमल 22 वर्ष निवासी ग्राम सुनेरा तराना ने रविवार रात को तराना के सरकारी अस्पताल में शिशु को जन्म दिया था। मां व नवजात की हालत खराब होने पर उसे चरक अस्पताल रैफर कर दिया गया था। यहां दोनों को आइसीयू में भर्ती किया गया था। सोमवार सुबह महिला की हालत अधिक खराब होने पर उसे डाक्टर ने इंदौर रैफर कर दिया था। स्वजन उसे लेकर फ्रीगंज स्थित निजी अस्पताल पहुंचे थे। यहां डाक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया था। इस दौरान स्वजन बगैर पीएम करवाए शव को लेकर जा रहे थे। इस पर पुलिस ने उन्हें चरक अस्पताल के बाहर रोक लिया था। इस दौरान हंगामा होने लगा।

लापरवाही से मौत के आरोप

मृतका के स्वजन ने तराना व चरक अस्पताल के डाक्टरों की लापरवाही के कारण मौत के आरोप लगाए। वायरलैस सेट पर पाइंट सुनकर जीवाजीगंज टीआइ गगन बादल व कोतवाली टीआइ अमित सोलंकी मौके पर पहुंचे थे। दोनों टीआइ ने मृतका के स्वजन को समझाइश दी।इसके बाद वह पीएम करवाने को लेकर राजी हुए। पुलिस का कहना था की नव विवाहिता की मौत का मामला था। पीएम करवाना आवश्यक था। इसलिए परिवार को समझाइश के बाद शव का पोस्टमार्टम करवाकर उन्हें सौंप दिया गया।

Posted By: Nai Dunia News Network

NaiDunia Local
NaiDunia Local
  • Font Size
  • Close