उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। बीते मार्च अप्रैल माह में उज्जैन कृषि मंडी से निर्यात के लिए अनेक व्यापारियों द्वारा गेहूं बिक्री किया गया था। उस दौरान मंडी से पनवेल स्थित प्राइड एग्रो, गणपति ट्रेडिंग कंपनी को भी लाखों क्विंटल गेहूं बेचा था। निर्यात बंद होने के बाद सरकार ने इन कंपनियों की जांच की जिसमें अनेक फर्जीवाड़े उजागर हुए हैं। सरकारी वितरण का गेहूं मिला है। जांच में कंपनी द्वारा उज्जैन मंडी व्यापारियों से गेहूं खरीदना बताया गया। इस आधार पर शुक्रवार को मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम उज्जैन मंडी व आधा दर्जन कारोबारियों से दस्तावेज लेकर सघन पूछताछ की।

जानकारी अनुसार उज्जैन कृषि मंडी से आधा दर्जन कारोबारियों ने मार्च, अप्रैल माह में प्राइड एग्रो व गणपति ट्रेडिंग कंपनी को निर्यात के लिए गेहूं बेचा था। कंपनी ने निर्यात के दौरान फर्जी एलसी बनाई, सरकारी गेहूं खरीदा। सरकार ने गोदाम पर छापा मारा तो वहां भारतीय खाद्य निगम के बारदान व गेहूं मिला। इस पर कार्रवाई करते हुए गोदाम सील कर प्रकरण दर्ज किया गया। दस्तावेज की जांच में उज्जैन मंडी से भी लाखों क्विंटल गेहूं ख़रीदी की जानकारी मिली। इसी आधार पर क्राइम ब्रांच की टीम शुक्रवार को कृषि मंडी पहुंची और कारोबारियों के गोदाम पर जाकर बारदान व गेहूं का अवलोकन किया। दस्तावेजों की जांच कर घंटों तक व्यापारियों से पूछताछ कर बयान दर्ज किए।

इन कागजातों को किया जब्त

टीम में शामिल अधिकारी व्यापारियों से मंडी ख़रीदी बिक्री, ट्रक कांटे की पर्ची, बिल्टी, मंडी अनुज्ञापत्र की फ़ोटो कापी ले गए। व्यापारियों से कारोबार करने के सिस्टम को लेकर पूछताछ की। एक बारदान कारोबारी के यहां भी जाकर कर भारतीय खाद्य निगम के बारदानों को लेकर पूछताछ की। बता दें प्रदेश में भाखानि खुली बिक्री के तहत गेहूं व बारदान बिक्री करती है, वहीं महाराष्ट्र में प्रतिबंधित है।

जगोटी में भूगर्भीय धमाके, ग्रामीणों में दहशत

जगोटी/ उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। महिदपुर के जगोटी गांव में शुक्रवार को एक के बाद एक आठ धमाके हुए। धमाकों की आवाज से ग्रामीणों में दहशत छा गई। कई लोग चौक बाजार में जमा हो गए। पंचायत भवन के सामने स्थित 45 साल पुरानी पेयजल टंकी गिरने और घटिया -जगोटी मुख्य मार्ग पर स्थित गैस अथारिटी आफ इंडिया लिमिटेड के गैस सप्लाय केंद्र से निकली पाइप लाइन में प्रेशर कार्य करने की अफवाह भी फैली। इंटरनेट मीडिया पर भूकंप के झटके आने का वीडियो भी वायरल हुआ। मामले में गेल इंडिया लिमिटेड ने कह है कि उनकी लाइन क्लियर है। किसी भी तरह की विस्फोटक गतिविधि उनके कार्य क्षेत्र में नहीं हुई है। उन्होंने चिकलीखेड़ा कम्प्रेशर स्टेशन पर टीम भेजकर जांच करवा ली है। इंडियन आयल कार्पोरेशन के एमपी हेड दीपक बासु से संपर्क किया मगर उन्होंने जवाब नहीं दिया। घट्टिया के एसडीएम राकेश शर्मा ने बताया कि उन्होंने सूचना मिलने पर पटवारियों से जानकारी ली थी, मगर भूकंप या धमाकों की बात स्पष्ट नहीं हुई। इधर, सरपंच राहुल मुकाती ने महिदपुर एसडीएम महिदपुर कैलाशचंद्र ठाकुर को भूगर्भीय धमाके की जानकारी देकर प्रशासकीय स्तर पर इस स्थिति को लेकर तुरंत हस्तक्षेप करने का आग्रह किया है। गांव के केके तिवारी ने बताया कि धमाकों के चलते उनका कीमती सामान घर में नीचे गिर गया था।

Posted By: Nai Dunia News Network

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