उज्जैन। महाकाल मंदिर में महानिर्वाणी अखाड़े की गादी पर आसीन महंत प्रकाशपुरीजी ने पुलिस को अपनी पिस्टल देने से इंकार किया है। उनका कहना है कि एक शिष्य से विवाद चल रहा है। इस कारण उनके पास सुरक्षा का साधन होना जरूरी है। संत ने लिखा है कि वैसे भी मेरा राजनीति से क्या लेना-देना।

दरअसल, लोकसभा चुनाव आचार संहिता के चलते पुलिस सभी के लाइसेंसी हथियार जमा कर रही है। पुलिस को जानकारी मिली थी कि महंत प्रकाशपुरी भी एक पिस्टल रखते हैं। हालांकि उन्होंने इसे जमा नहीं कराया। इसके चलते सोमवार सुबह महाकाल थाने की पुलिस मंदिर पहुंची और महंत को शस्त्र जमा कराने का नोटिस दिया। शाम को महंत ने नोटिस का जवाब भी दे दिया है। उन्होंने जवाब में लिखा है कि मेरा एक शिष्य से विवाद चल रहा है। इस कारण मेरे पास सुरक्षा का साधन होना चाहिए। पुलिस हथियार जमा न कराए। मेरा किसी भी राजनीतिक दल से कोई संबंध नहीं है। बता दें कि अखाड़े की गादी लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा है। अखाड़े के पंचों ने हाल ही में चार साधुओं को यहां थानापति नियुक्त कर दिया है। इसके बाद से यह मामला फिर से सुर्खियों में है। इसे देखते हुए प्रशासन ने कुछ दिनों पहले तक अखाड़े के बाहर सुरक्षा बल भी तैनात कर दिया था। इसी बीच लोकसभा चुनाव की आचार संहिता भी लग गई। पुलिस अब संत को हथियार जमा कराने को कह रही है।

Posted By: Nai Dunia News Network

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