उज्जैन, नईदुनिया प्रतिनिधि। मां की ममता पर 'मुफलिसी' भारी पड़ी। पहले से ही छह बच्चों की मां ने मंगलवार को एक और बेटे को जन्म दिया। खयाल आया कि इसे कैसे पालूंगी तो वह शिशु को अस्पताल के वार्ड के बाहर ही छोड़कर चली गई। बुधवार को पुलिस ने उसे ढूंढा। मां ने बताया कि उसके पहले से ही चार बेटे और दो बेटियां हैं। पति मजदूर है और वह भी मजदूरी करती है।

ऐसे में आर्थिक स्थिति ठीक नहीं होने के कारण वह उसे नहीं पाल सकती। महिला ने लिखकर दिया कि शिशु को किसी संस्था को सौंप दिया जाए। इधर, इस बात की सूचना मिलते ही कई दंपती जिला अस्पताल में बच्चे को गोद लेने के लिए पहुंच गए। बच्चे को लावारिस हालात में पाकर जिला अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सूचना दी थी।

अस्पताल प्रबंधन की ओर से प्रसव के लिए आई महिला का नाम-पता भी पुलिस को बताया गया। बाद में पता लगा कि बच्चे को जन्म देने वाली 38 वर्षीय मां मजदूर परिवार से है और नजरअली परिसर में रहती है। इस पर पुलिस की टीम उसके घर पहुंची। महिला ने बताया कि उसका पति मजदूरी करता है। वह भी मजदूरी कर घर चलाने में मदद करती है। उसके पहले से छह बच्चे हैं, इसलिए सातवें बच्चे को पालना मुश्किल है।

मातृछाया में जाएगा 'प्रिंस'

पुलिस को बयान देने के बाद महिला ने लिखकर दिया है कि शिशु किसी संस्था को सौंप दिया जाए ताकि उसका अच्छे से पालन पोषण हो। इसलिए अब बच्चे को मातृछाया को सौंपा जाएगा। फिलहाल शिशु अस्पताल के एसएनसीयू वार्ड में है। यहां नर्सों ने उसका नाम 'प्रिंस' रखा है। नर्सें और अस्पताल स्टाफ उसकी देखभाल में जुटा हुआ है। उधर, बुधवार को अस्पताल में बच्चे को गोद लेने के लिए कई दंपती पहुंचे। सबने अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से गोद लेने की प्रक्रिया पूछा। मातृछाया के अनुराग जैन के अनुसार बच्चे की सेहत ठीक होते ही उसे मातृछाया लाया जाएगा। गोद लेने के बारे में जैन का कहना है कि नियमानुसार ऑनलाइन आवेदन करना होगा। इसके बाद आवश्यक कानूनी प्रक्रिया से गुजरना होगा।