उज्जैन। महामंगल की जन्मस्थली मंगलनाथ मंदिर में श्रावण मास के तीसरे मंगलवार को एक दिन में 707 भातपूजा का नया रिकॉर्ड बना है। मंदिर प्रशासन के अनुसार इससे पहले एक दिन में पूजन की सर्वाधिक संख्या 654 थी। दिवस विशेष पर 17 कालसर्प दोष निवारण पूजन भी हुए। दिनभर में करीब 30 हजार से अधिक भक्तों ने महामंगल के दर्शन किए।

मंदिर प्रशासक नरेंद्रसिंह राठौर ने बताया मंगलवार सुबह 6 बजे से भातपूजा का सिलसिला शुरू हुआ, जो शाम 3.30 बजे तक चला। देशभर से आए 707 भक्तों ने मंगलदोष निवारण तथा मांगलिक कार्यों में आ रहे अवरोध की निवृत्ति के लिए भातपूजा कराई। वहीं 17 श्रद्धालुओं ने कालसर्प दोष निवारण पूजा कराई।

मंदिर समिति को शासकीय रसीद से 1 लाख 34 हजार 50 रुपए की आय प्राप्त हुई है। इधर, अंगारेश्वर महादेव मंदिर में 449 भातपूजा हुई। इससे मंदिर समिति को 72 हजार रुपए का राजस्व प्राप्त हुआ है।

भक्तों को 1 घंटे में हुए दर्शन

पर्व विशेष पर मंगलनाथ मंदिर में आस्था उमड़ी। करीब 30 हजार भक्तों ने महामंगल के दर्शन किए। भारी भीड़ के बावजूद मंदिर प्रशासन ने भक्तों को गर्भगृह से दर्शन कराने की व्यवस्था लागू की थी। इससे देश विदेश से आए भक्त सुविधापूर्वक महामंगल का जलाभिषेक कर पाए।

इस दौरान गर्भगृह में भातपूजा का सिलसिला भी चलता रहा। दर्शन व्यवस्था में मंदिर के पुजारी पुरोहितों ने भी सहयोग दिया। पं.महेंद्र भारती व पं.पंकज दुबे ने साथी पुजारी, पुरोहित के साथ भीड़ नियंत्रण की जिम्मेदारी संभाल रखी थी।

दोपहर में रैलिंग टूटी

अत्यधिक भीड़ व जनदबाव के चलते दोपहर में उस समय कुछ देर के लिए व्यवस्था बिगड़ी जब दूसरी मंजिल की रेलिंग टूट गई। अधिकारी व कर्मचारियों ने मौके पर पहुंचकर तुरंत स्थिति संभाली।