उज्जैन। लोकसभा चुनाव में भाजपा को संसदीय क्षेत्र की सभी विधानसभाओं से बढ़त मिली। जिन क्षेत्रों में कांग्रेस के विधायक हैं, वे भी पार्टी के उम्मीदवार बाबूलाल मालवीय को बढ़त दिलाने में सफल नहीं हो सके। भाजपा के फिरोजिया को सबसे बड़ी लीड उज्जैन दक्षिण विधानसभा क्षेत्र में 70 हजार से अधिक मतों की मिली। तराना में फिरोजिया को सबसे कम बढ़त मिली। राहुल गांधी खुद इस क्षेत्र में सभा लेने आए थे। महिदपुर से भी भाजपा को 50 हजार से अधिक मतों की बढ़त मिली। आलोट के लोगों ने भी इस बार भाजपा पर भरोसा जताया। यहां से फिरोजिया को 49 हजार से अधिक मतों की बढ़त मिली।

बता दें कि विधानसभा चुनाव में संसदीय क्षेत्र की आठ में से पांच सीटें कांग्रेस ने जीती थी। लोकसभा चुनाव में इन विधायकों को जिम्मेदारी दी गई थी कि वे अपने-अपने क्षेत्रों से पार्टी को बढ़त दिलाएं। विधायकों ने भी हामी भरी थी। सूत्रों के अनुसार एक विधायक ने तो यहां तक कह दिया था कि अगर वे अपने क्षेत्र से पार्टी को नहीं जिता पाए तो कभी चुनाव नहीं लड़ेंगे। मगर ये विधायक भी अपनी सीट पर पार्टी को बढ़त नहीं दिला पाए। जानिए कहां क्या स्थिति बनी-

नागदा-खाचरौद

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के दिलीपसिंह गुर्जर ने यह सीट 4736 वोटों से जीत ली थी। उन्होंने यहां भाजपा के दिलीपसिंह शेखावत को हराया था। जीत के बाद माना जा रहा था कि लोकसभा चुनाव में भी गुर्जर पार्टी को बढ़त दिलाएंगे। इसके साथ ही वे मंत्री पद की अपनी दावेदारी मजबूत करेंगे। सीट पर फायदे के लिए मुख्यमंत्री कमलनाथ ने सभा भी की थी। मगर लोकसभा में कांग्रेस को यहां भाजपा के मुकाबले 35907 वोट कम मिले।

महिदपुर

विधानसभा चुनाव में यहां कांग्रेस के बागी प्रत्याशी दिनेश जैन बोस ने पार्टी के समीकरण बिगाड़ दिए थे। कांग्रेस यहां तीसरे नंबर पर थी। मगर मुख्यमंत्री बनने के बाद कमलनाथ ने जैन को फिर से पार्टी के लिए काम करने को कहा था। चूंकि जैन विधानसभा में 55 हजार से अधिक वोट लेकर आए थे। इसलिए ये माना जा रहा था कि उनके लौटने से कांग्रेस को यहां फायदा होगा। मगर ऐसा नहीं हुआ। यहां कांग्रेस, भाजपा से 50041 वोटों से पिछड़ गई।

घट्टिया

घट्टिया सीट पर कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव में 4628 वोटों से जीत हासिल की थी। कांग्रेस के रामलाल मालवीय विजयी रहे थे। उन्होंने कांग्रेस छोड़ भाजपा में आए पूर्व सांसद प्रेमचंद गुड्डू के बेटे अजीत बोरासी को हराया था। कैबिनेट में मंत्री पद के लिए ये भी दावेदार माने जा रहे थे। पार्टी को उम्मीद थी कि घट्टिया से बढ़त बरकरार रहेगी। विधायक ने भी संगठन के आला नेताओं को आश्वासन दिया था। लोकसभा चुनाव में यहां कांग्रेस को भाजपा के मुकाबले 38297 वोट कम मिले।

बड़नगर

विधानसभा चुनाव में कांग्रेस के मुरली मोरवार ने यह सीट 5381 वोटों से जीती थी। अरसे बाद ये सीट कांग्रेस के खाते में आई। मगर छह महीने में ही यहां पार्टी को खासा नुकसान पहुंचा। इस सीट पर कांग्रेस-भाजपा से 44422 वोटों से पीछे रही। मौजूदा विधायक मुरली मोरवाल पार्टी को फायदा नहीं पहुंचा पाए। उलटे 44 हजार से ज्यादा वोटों का नुकसान हुआ। मोरवाल को लेकर पार्टी के ही एक धड़े में नाराजगी भी बताई जा रही है। बड़नगर में अंदरूनी गुटबाजी के कारण भी कांग्रेस को यहां खासा नुकसान हुआ है।

आलोट

विधानसभा चुनाव में आलोट से कांग्रेस ने 5448 वोटों से जीत हासिल की थी। लोकसभा चुनाव में प्रत्याशी घोषित होने के बाद यहां के कांग्रेस विधायक मनोज चांवला के लेटरपैड पर एक पत्र वायरल हुआ था। इसमें प्रत्याशी बदलने की मांग की गई थी। हालांकि बाद में चांवला ने ऐसे किसी पत्र से अनभिज्ञता जताई थी और पुलिस को शिकायत करने की बात कही थी। पार्टी को इस सीट से भी काफी उम्मीदें थीं, मगर यहां भी कांग्रेस 49364 से पिछड़ गई।

तराना

इस सीट पर सभी की निगाहें थी। दरअसल अनिल फिरोजिया इसी सीट से विधानसभा चुनाव हारे थे। हार का अंतर 1798 था। फिरोजिया को कांग्रेस के महेश परमार ने चुनाव हराया था। लोकसभा चुनाव में पार्टी को फिर से जिताने की बात भी कही थी। यहां राहुल गांधी की सभा भी हुई। मुख्यमंत्री कमलनाथ भी साथ थे। माना जा रहा था कि पार्टी को इस सीट से फायदा होगा। मगर महेश परमार भी यहां कुछ नहीं कर सके। कांग्रेस यहां भाजपा से 29 हजार से अधिक मतों से पीछे रही।

उज्जैन की दोनों सीटों पर लीड बढ़ी

इधर उज्जैन की दोनों सीटों (उत्तर-दक्षिण) पर भाजपा की लीड बढ़ी है। उत्तर विधानसभा में भाजपा 25724 वोट से चुनाव जीती थी। लोकसभा चुनाव में यहां पार्टी को 42 हजार 761 वोट मिले हैं। गौरतलब है कि इस क्षेत्र में प्रियंगा गांधी का रोड शो भी हुई थी। इसी तरह दक्षिण सीट पर भी भाजपा को विधानसभा के मुकाबले काफी बढ़त मिली है। यहां भाजपा प्रत्याशी अनिल फिरोजिया को 70 हजार से ज्यादा की लीड मिली। जबकि विधानसभा चुनाव में यहां पार्टी को 18960 वोटों से ही जीत मिली थी।

किस विधानसभा से कितने मत

विधानसभा अनिल फिरोजिया बाबूलाल मालवीय अंतर

उज्जैन दक्षिण 117942 47618 70324

उज्जैन उत्तर 93985 51224 42761

बड़नगर 95563 51141 44422

घट्टिया 99310 61013 38297

नागदा खाच. 94833 58926 35907

तराना 82550 52637 29913

महिदपुर 99554 49513 50041

आलोट 101856 52492 49364

Posted By: Nai Dunia News Network

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