उज्जैन (नईदुनिया प्रतिनिधि)। चरक अस्पताल के आइसीयू में भर्ती नवजात को उसके माता-पिता खर्च के डर से छोड़कर चले गए थे। कोतवाली पुलिस ने बच्ची के माता-पिता को झाबुआ से तलाश किया और उन्हें समझाइश देकर बच्ची को सौंपा। वहीं उन्हें बताया कि अस्पताल में बच्ची का निःशुल्क उपचार किया जाएगा। इसके अलावा आर्थिक सहायता भी दी।

टीआइ अमित सोलंकी ने बताया कि 9 अक्टूबर को चरक अस्पताल से पुलिस को सूचना मिली थी कि एक नवजात बच्ची को उसके माता-पिता ने 5 अक्टूबर को आइसीयू में भर्ती करवाया था। प्रीमैच्योर डिलेवरी होने के कारण बच्ची की हालत काफी नाजुक थी। बच्ची के स्वजन से अस्पताल प्रशासन का कोई संपर्क नहीं हो रहा था। इस पर एएसआइ चंद्रभानसिंह ने बच्ची के माता-पिता की तलाश शुरू की थी। अस्पताल से पुलिस को जानकारी मिली थी कि बच्ची के स्वजन ने भर्ती करने के दौरान पता पेटलावद झाबुआ लिखवाया था। पिता का मोबाइल नंबर बंद आ रहा था। एएसआइ चंद्रभान ने झाबुआ पुलिस कंट्रोल रूम के माध्यम से बच्ची के माता पिता के गांव की जानकारी निकाली तथा झाबुआ पुलिस का सहयोग लेकर बच्ची के माता पिता के गांव के सरपंच (पटेल) से संपर्क किया। गांव के पटेल ने बताया कि बच्ची के माता-पिता बड़नगर में मजदूरी करते हैं।

इसके बाद पटेल के माध्यम से पुलिस ने उनका पता लगाया और बच्ची को सौंपा। दोनों ने बताया कि बच्ची काफी कमजोर थी इसके लिए अस्पताल में भर्ती किया था। दोनों को डर था कि इलाज में बहुत अधिक रुपये लगेंगे, इस कारण वह उसे छोड़कर चले गए थे। पुलिस ने दोनों को समझाइश दी कि अस्पताल में निःशुल्क उपचार होगा। वहीं एएसआइ ने दोनों को आर्थिक सहायता भी दी।

Posted By: Nai Dunia News Network

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